बागेश्वर। कोराना काल में रोडवेज के बाद केमू की बसें भी यात्रियों के लिए तरस गई हैं। करीब तीन महीने बाद चली केमू की बसों के लिए यात्री ढूंढने से नहीं मिल रहे हैं।
बृहस्पतिवार को बागेश्वर केमू स्टेशन से तीन बसें हल्द्वानी के लिए रवाना हुई। तीन बसों में मात्र 11 यात्री थे। स्टेशन पर चालक, परिचालक यात्रियों को ताकते रहे। केमू की कुल सीटों के सापेक्ष यात्री नहीं के बराबर रहे। इससे केमू प्रबंधन के साथ बस मालिक भी निराश हैं। कोराना संक्रमण के बाद बेरोजगार हुए चालक, परिचालकों के लिए यात्रियों की कमी फिलहाल चिंता का कारण बनी हुई है।
केमू स्टेशन प्रभारी धरणीधर जोशी ने बताया कि बागेश्वर स्टेशन से दो बसें वाया ताकुला और एक वाया गरुड़ हल्द्वानी के लिए गई। सुबह आठ बजे ताकुला मार्ग से हल्द्वानी के लिए निकली बस में बागेश्वर स्टेशन से दो और सवा नौ बजे गई बस में छह यात्री हल्द्वानी के लिए बैठे। इसके अलावा नौ बजे गरुड़ के रास्ते हल्द्वानी के लिए रवाना हुई बस में मात्र तीन लोकल यात्री सवार हुए। स्टेशन प्रभारी ने बताया कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा आदि लोकल रूटों के लिए भी बसों का संचालन करने पर विचार किया जा रहा है।