बागेश्वर/गरुड़। अमस्यारी ग्राम पंचायत के टिटोली मैदान में दो दिनी किर्साण महोत्सव श्रम का सम्मान का आगाज हो गया है। वक्ताओं ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम में 33 प्रतिभागियों से खेतीबाड़ी, पशुपाल और पर्यावरण से संबंधित सवाल पूछे गए। प्रतियोगिता में विजेता रहने वाली किर्साण को 15 हजार, दूसरे स्थान पर रहने वाली किर्साण को 12 हजार और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाली किसान को 10 हजार रुपये नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
सातवें किर्साण महोत्सव का शुुुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख हेमा बिष्ट, पद्मश्री बसंती बहन, वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा, पर्वतीय कला मंच दिल्ली के एमसी पपनै, सामाजिक कार्यकर्ता चंदन डांगी और अधिवक्ता जमन सिंह बिष्ट ने किया। हितैषी बाल विद्या निकेतन के विद्यार्थियों ने वंदना और राइंका अमस्यारी की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
प्रतिभागी महिलाओं ने शकुनाखर गाए। पय्यां और दाबू की वक्ताओं ने जल, जंगल और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार रखे। पर्यावरण को बचाने के लिए जंगलों को बचाने, हर साल पौधरोपण कर उनकी सुरक्षा करने और प्राकृतिक संसाधनों का दोहन रोकने की बात कही। पहाड़ की महिलाओं के हाड़तोड़ मेहनत को हल्का करने के लिए ठोस उपाय किए जाने पर भी चर्चा की गई।
दूसरे सत्र में प्रतिभागी महिलाओं की परीक्षा कराई गई। इस दौरान उनसे कई सवाल पूछे गए। आयोजक डॉ. किशन सिंह राणा ने बताया कि पहले तीन स्थान पर रहने वाली महिलाओं को नगद पुरस्कार के साथ थर्मस और शॉल प्रदान किया जाएगा। अन्य 30 प्रतिभागी महिलाओं को भी थर्मस और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया जाएगा।
क्षेत्र की 100 महिलाओं को कुदाल और रैक दी जाएगी। बुजुर्गों को भी सम्मानित किया जाएगा। वृक्षपुरुष मलड़ा ने सभी अतिथियों को पौधे भेंट किए। वहां पर ग्राम प्रधान आरसी जोशी, हितैषी संस्था के अध्यक्ष रतन सिंह किरमोलिया, रेखा किरौला, गणेेश बोरा आदि मौजूद रहे।
किर्साण महोत्सव में मौजूद अतिथि, लोक कलाकार और आयोजक। संवाद - फोटो : BAGESHWAR