बागेश्वर के ग्राम तुनेरा मालता निवासी मृतक मयंक उर्फ मोनू की फाइल फोटो।
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बागेश्वर। दफौट क्षेत्र के गांव में सेमल का पेड़ गिरने से एक मासूम की मौत हो गई। छुट्टी का दिन होने की वजह से बच्चा घर के पास खेल रहा था। तभी अचानक सेमल का सूखा पेड़ बच्चे पर गिर गया और उसकी टहनी की चपेट में आकर मासूम घायल हो गया। जिला अस्पताल लाने से पहले ही बच्चे की नब्ज थम गई।
दफौट क्षेत्र के तुनेड़ा गांव निवासी राजेंद्र सिंह दफौटी के पुत्र मयंक उर्फ मोनू (6) शनिवार सुबह करीब 11 बजे घर के पास खेल रहा था। तभी अचानक सेमल का सूखा पेड़ उसके ऊपर गिर गया। पेड़ के नीचे दबने से मयंक के सिर में गहरी चोट लग गई और नाक से खून बहने लगा। आसपास मौजूद लोगों ने बच्चे को पेड़ के नीचे से निकाला और परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। लेकिन, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी नब्ज थम गई। गांव के प्रधान उमेश सिंह दफौटी ने बताया कि मयंक अपने मां-पिता का इकलौता बेटा था। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय तुनेड़ा में कक्षा एक में पढ़ता था। उसके पिता राजेंद्र जेसीबी ऑपरेटर हैं। बच्चे की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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काश, स्कूल खुला होता
बागेश्वर। सेमल की सूखी टहनी की चपेट में आकर मालता के ग्राम तुनेरा निवासी मयंक मौत से सभी परिजन और ग्रामीण स्तब्ध हैं। पूरे गांव में शोक छाया है। उनका कहना है कि अगर शनिवार को भी स्कूल खुला रहता तो शायद मयंक आज जिंदा होता लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। ग्रामीण भरत दफौटी, राजू दफौटी ने बताया कि मोनू सभी का लाडला था। कुछ ग्रामीणों ने घटना को प्राकृतिक आपदा मानते हुए प्रशासन से मुआवजा दिलाने की मांग की है। एसडीएम राकेश तिवारी ने बताया कि घटना दुखद है। सूचना मिलने पर राजस्व उपनिरीक्षक से रिपोर्ट मांगी जाएगी। मानक पूरे होने पर प्रभावित परिवार को मुआवजा दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। ब्यूरो