बागेश्वर। सरकारी कामकाज का ऐसा ढर्रा बन गया है कि लोगों को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का समय पर लाभ नहीं मिलता। कपकोट विकासखंड के दूरस्थ गांव खर्ककानातोली और बासानी के लोग इसी कार्यप्रणाली का दंश झेल रहे हैं। दोनों गांवों को जोड़ने वाले झूलापुल का निर्माण कार्य सात वर्ष बीतने के बाद भी नहीं हो पाया है।
2014 में जिला योजना के झूलापुल के लिए एक करोड़ स्वीकृत किए गए। पुल बनना शुरू हुआ पर अधूरा निर्माण कर छोड़ दिया गया। झूलापुल का निर्माण न होने से दोनों गांवों की करीब डेढ़ हजार आबादी बेहद परेशान है। गर्मियों और जाड़ों में किसी तरह यह लोग नदी पार कर लेते हैं लेकिन बरसात में आवागमन ठप हो जाता है।
रविवार को कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण के नेतृत्व में लोगों ने निर्माणाधीन झूलापुल का जायजा लिया। फर्स्वाण ने कहा कि 2014 में कांग्रेस के शासनकाल में झूलापुल निर्माण के लिए जिला योजना से करीब एक करोड़ रुपये की राशि मंजूर की थी। लोनिवि आज तक झूलापुल का निर्माण नहीं करा पाया है। भ्रमण में उनके साथ दान सिंह सुरकाली, मोहन सिंह, ललित धपोला, विक्रम धपोला, देवेंद्र यादव, कमलेश गढ़िया, दीपक गढ़िया आदि शामिल थे।
काम में लेटलतीफी के चलते ठेकेदार पर 25 लाख की पेनाल्टी लगाई गई थी। दोबारा टेंडर हुए हैं। एक एबटमेंट का काम चल रहा है। फिलहाल इस रकम से दोनों एबटमेंट का काम ही हो पाएगा। शेष कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। - संजय कुमार पांडेय ईई लोनिवि कपकोट