रोगी को डोली में बैठाकर ले जाते कीमू के ग्रामीण।
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विकास के तमाम दावों के बावजूद कपकोट ब्लॉक के सुदूरवर्ती लीती ग्राम पंचायत का कीमू गांव आज तक सड़क से नहीं जुड़ सका है। रोगी को डोली में बैठाकर चार किमी दूर सड़क तक लाना पड़ता है। ऐसे में ग्रामीणों को बहुत परेशानी होती है। रोगी की जान को भी खतरा रहता है।
सड़क नहीं बनने से कीमू गांव के अनुसूचित जाति के 40 परिवार भारी दिक्कतों में गुजर बसर कर रहे हैं। यहां न नेता आते हैं न कोई अधिकारी। मूलभूत सुविधाओं के साथ ही ग्रामीण छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी मोहताज है। शाकभाजी और फलोत्पादन भी सड़क तक नहीं पहुंच पाते हैं। ग्रामीणों को जरूरी सामान के लिए चार किमी दूर लीती जाना पड़ता है। गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं चौपट हैं।
इसके लिए ग्रामीणों को 16 किमी दूर शामा जाना पड़ता है। गंभीर किस्म के रोगियों को डोली में बैठाकर चार किमी दूर लीती स्टेशन ले जाने में तो ग्रामीणों के पसीने छूट जाते हैं। ग्राम प्रधान आनंद प्रकाश का कहना है कि सड़क की मांग कई बार कर दी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। विधायक बलवंत भौर्याल ने कहा कि गांव का भ्रमण करके सड़क मंजूर करानेेेे के प्रयास किए जाएंगे।