कपकोट (बागेश्वर)। कुंवारी गांव में जंगली मशरूम खाने से बीमार कविता देवी का इलाज करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम दूसरे दिन सोमवार को गांव पहुंची जबकि पुलिस की टीम रविवार की रात ही पहुंच गई थी। सास धनुली देवी की रविवार को ही मौत हो गई थी। उसके शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया जबकि बहू को सोमवार को सीएचसी कपकोट में भर्ती कराया गया। उसे स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता के कारण प्राथमिक इलाज के लिए 20 घंटे का इंतजार करना पड़ा। ग्रामीण जड़ी-बूटी से उसे जीवित रखे हुए थे।
रविवार दोपहर कुंवारी निवासी धनुली देवी और उनकी बहू कविता देवी ने जंगली मशरूम की सब्जी खाई थी। मशरूम विषाक्त होने से सास की मौत हो गई जबकि बहू की हालत गंभीर हो गई। सूचना पर एसडीएम अनिल सिंह रावत ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम को मौके पर जाने के लिए कहा था।
एसओ खुशवंत सिंह ने बताया कि एसआई मंजू पंवार के नेतृत्व में एएसआई हरीश सनवाल और अन्य कर्मचारी तत्काल गांव के लिए रवाना हुए। सड़क बंद होने पर टीम करीब छह किमी पैदल चलकर रात में ही गांव पहुंच गई। पुलिस सुबह बुजुर्ग महिला के शव को लेकर करीब 11 बजे कपकोट आ गई। इसके बाद शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया।
स्वास्थ्य टीम का देर से पहुंचना घोर लापरवाही : फर्स्वाण
बागेश्वर। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने मशरूम खाने के मामले में बीमार महिला के उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम के देरी से गांव पहुंचने को लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि बदियाकोट के पीएचसी से कुंवारी गांव की दूरी करीब 25 किमी है। महिला को दूसरे दिन चिकित्सकीय सुविधा मिल रही है। इस दौरान महिला के साथ काेई अनहोनी हो जाती तो इसका जिम्मेदार कौन होता। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों में लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।
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बदियाकोट पीएचसी के डॉ. मनीष गुरुरानी के नेतृत्व में दो नर्सिंग अधिकारी सोमवार सुबह गांव भेजे गए। गांव में बीमार महिला का चेकअप कर प्राथमिक इलाज किया गया। जांच के दौरान महिला की हृदयगति तेज थी। आंखें सिकुड़ी हुईं थीं। उन्हें तत्काल एंटी डोज दिया गया। स्थिति सामान्य होने के बाद टीम उन्हें अस्पताल लेकर आई। बीमार महिला को सीएचसी कपकोट में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनको निगरानी में रखा गया है और उनकी तबीयत में सुधार है। - डॉ. बृजेश घटियाल, चिकित्साधिकारी, सीएचएसी कपकोट
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स्वास्थ्य टीम महिला को सीएचसी कपकोट ले आई है। महिला की तबीयत में अब सुधार हो रहा है। मेरी लोगों से अपील है कि इस मौसम में जंगली मशरूम या अन्य फल, सब्जियों न खाया जाए। घरों में उगाई सब्जियां ही सुरक्षित होती हैं। लोगों को भोजन में उनका ही प्रयोग करना चाहिए। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर
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कुंवारी की सड़क बंद होने के बावजूद पुलिस टीम रात में ही गांव पहुंच गई थी। महिला के शव को जिला अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम करा दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। - चंद्रशेखर आर घोड़के, एसपी बागेश्वर