कौसानी का बदहाल सरकारी अस्पताल
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गरुड़ (बागेश्वर)। कौसानी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पांच माह से डॉक्टर नहीं है। मरीज उपचार के लिए अल्मोड़ा या फिर बैजनाथ आने को मजबूर है। पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर की तैनाती नहीं की है। कौसानी नगर और आसपास के पंचायत प्रतिनिधियों ने एलान किया है कि डाक्टर की तैैनाती शीघ्र नहीं की गई तो अस्पताल में तालाबंदी की जाएगी।
कौसानी के पूर्व जिला पंचायत सदस्य बबलू नेगी ने बताया कि अस्पताल में पांच माह से डॉक्टर और फार्मेसिस्ट का पद रिक्त है। यह अस्पताल वार्ड ब्वॉय के भरोसे चल रहा है। क्षेत्र के लोगों को उपचार के लिए बेस अस्पताल अल्मोड़ज्ञ या सीएचसी बैजनाथ की दौड़ लगानी पड़ रही है।
कौसानी के प्रधान रवींद्र सिंह नेगी, व्यापार संघ के अध्यक्ष शेखर पांडे, डुंगलोट, लौबाज, डोबा, कटारमल, धैना, सिलंगवाड़ी, लखनी, नौटा, कमलेख के प्रधान ने बताया कि सीएमओ से अस्पताल में डॉक्टर की तैैनाती करने के लिए कई बार आग्रह किया है, बावजूद इसके मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया है।
क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि अस्पताल में डाक्टर की तैनाती शीघ्र नहीं की गई तो वह अस्पताल में तालाबंदी करेंगे। बता दें कि कौसानी में जब कभी कोई वीआईपी आता है तो उसके उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग सीएचसी बैजनाथ या फिर जिला मुख्यालय से एक डॉक्टर राज्य अतिथि गृह में तैनात करता है। वीआईपी के कौसानी से प्रस्थान करने के बाद डाक्टर अपनी मूल तैनाती स्थल के लिए रवाना हो जाता है।