रविवार रात बागेश्वर के ठाकुरद्वारा वार्ड से सटे आरे बाइपास सड़क से नीचे के जंगल में लगी आग।
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इस साल फायर सीजन से पहले से ही जंगलों में आग लगने का सिलसिला शुरू हो गया था। बीच में लगातार बारिश होने से कुछ राहत मिली मगर अब एक बार फिर जंगल धधकने लगे हैं। चीड़ के जंगलों में आग लगने की सबसे अधिक घटनाएं हो रही हैं।
रविवार को कौसानी और बागेश्वर नगर से सटे कांडाधार, कौसानी, कांडाधार, ठाकुरद्वारा वार्ड से सटे आरे बाइपास के जंगल में लगी आगके जंगल में आग लग गई। कांडाधार में जंगल से धुआं उठते देख वन विभाग के कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। इसके अलावा कांडा, काफलीगैर, कपकोट सहित जिले के तमाम जंगल आग की चपेट में हैं।
कौसानी में पर्यटन सीजन पीक पर है और जंगलों में लगी आग के कारण हिमालय के दशर्न नहीं हो पा रहे है जिस कारण पर्यटकों को मायूस होना पड़ रहा है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वनाग्नि पर नियंत्रण के लिए क्रू स्टेशन बनाए गए हैं। वनों में आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए ग्रामीणों से सहयोग मांगा जा रहा है।