बढ़ती वनाग्नि को घटनाओं से निपटने के लिए प्रशासन ने भी कमर कस ली है। सोमवार को कपकोट के सीरी गांव के जंगलों में आग लगने की सूचना पर कर्मचारियों के साथ एसडीएम केएस टोलिया ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाई। जिले में अब तक आग लगने की कुल 49 घटनाएं हो चुकी हैं।
सोमवार को जिले के जंगलों में आग लगने की तीन घटनाएं हुईं। महरपानी में 1.5 हेक्टेअर, लमचूला में एक हेक्टेअर और सीरी गांव के जंगल में तीन हेक्टेअर वन जल गया। सीरी गांव में आग लगने की सूचना पर कपकोट के एसडीएम केएस टोलिया भी मौके पर पहुंच गए और कर्मचारियों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। करीब तीन घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। काफलीगैर में दिन के तीन बजे सड़क किनारे के जंगलों में आग लग गई। ग्रामीणों की तत्परता से आग पर काबू पा लिया गया।
प्रभारी जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी ने बताया कि जिले में अभी तक वनों में आग लगने की 49 घटनाएं हुई हैं। वन विभाग के 220 कर्मचारी और राजस्व के 130 कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हैं। इसके अलावा सभी तहसीलों में पीआरडी के 60 जवान आग पर काबू पाने के लिए तैनात हैं।
विभिन्न गांवों के 60 ग्रामीण भी इसमें सहयोग दे रहे हैं। प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि फायर ब्रिगेड की तीन गाड़ियां भी तैनात की गई हैं। उन्होंने बताया कि आग की घटनाओं पर नियंत्रण को लेकर वन विभाग को अभी तक 9.50 लाख रुपये दिए गए हैं, जबकि विभाग की ओर से 40.90 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया गया है।
आग बुझाने के दौरान झुलसी महिला की मौत
कपकोट के सामा क्षेत्र के डुंगरी चौरा गांव में आग बुझाने के दौरान गंभीर रूप से झुलसी महिला की हल्द्वानी में इलाज के दौरान मौत हो गई है। मालूम हो कि 24 अप्रैल की शाम डुंगरी चौरा गांव के पास जंगल में भीषण आग लग गई थी। जंगल की आग को घरों की तरफ बढ़ता देख 70 वर्षीय खिमुली देवी पत्नी खीम गिरी आग बुझाने में जुट गई थीं।
इस दौरान धोती के आग पकड़ लेने से वह लपटों में घिर गई। 50 प्रतिशत जली हालत में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जहां से उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एसटीएच हल्द्वानी रेफर किया गया था। जहां पर 30 अप्रैल की देर रात खिमुली देवी ने दम तोड़ दिया। बागेश्वर के प्रभारी जिलाधिकारी एसएस जंगपांगी ने बताया कि आग बुझाने के दौरान जलने से मृत महिला के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा।