बागेश्वर। आंकाक्षी ब्लॉक कपकोट की नीति आयोग से जारी डेल्टा रैंकिंग में गिरावट का कारण पोर्टल पर डाटा ऑनलाइन नहीं होना माना जा रहा है। सीडीओ आरसी तिवारी का कहना है कि जिस समय डाटा फीड किया जाना था, उस समय लोकसभा चुनाव का दौर था। कर्मचारी अन्य कार्यों में व्यस्त थे। उन्होंने सितंबर में जारी होने वाली रैंकिंग में 10वें स्थान के आसपास की रैंकिंग लाने का दावा किया।
सीडीओ तिवारी ने बताया कि दिसंबर और मार्च की डेल्टा रैंकिंग एक साथ जारी हुई थी। पिछले साल जब यह योजना शुरू हुई थी तो कपकोट का स्थान 422वां था। इसमें सुधार करते हुए ब्लॉक पहले 34वें स्थान पर पहुंचा और बाद की रैंकिंग में 10वें स्थान पर पहुंच गया था। आखिरी रैंकिंग में 10वें स्थान से नीचे लुढ़का है। उनका कहना है कि दसवें नंबर से नीचे रैंकिंग बहुत कम जाती है, अगर डाटा ऑनलाइन हुए होते तो हम इसी के आसपास की रैंकिंग हासिल करते।
कहा कि जिला और ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को डेटा अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्लॉक प्रमुख गोविंद दानू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के कारण डाटा फीड नहीं होने से गिरावट आई है, उसे दूर करते हुए फिर से पहरी वाली पोजीशन हासिल करेंगे।
कोट
कपकोट क्षेत्र में काफी विकास कार्य हो रहा है। आंकाक्षी ब्लॉक कार्यक्रम के तहत नीति आयोग की जारी डेल्टा रैंकिंग में गिरावट क्यों हुई, इसकी जांच की जाएगी। डाटा अपडेट नहीं होने के लिए जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी। - सुरेश गढि़या, विधायक, कपकोट