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Bageshwar News: कपकोट ब्लॉक के विद्यालयों पर संकट... एक साल में घटे 226 छात्र

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कपकोट (बागेश्वर)। पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा के स्तर को सुधारने के सरकारी दावे धरातल पर दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। कपकोट ब्लॉक के 36 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों और इंटर कॉलेजों में विद्यार्थियों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। एक साल के भीतर ही सैकड़ों छात्रों का सरकारी स्कूलों से मोहभंग हो गया है जिससे कई विद्यालय बंद होने की कगार पर है।
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शैक्षणिक वर्ष 2025 में जहां इन 36 विद्यालयों में 3,770 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, वहीं चालू वर्ष 2026 में यह संख्या सिमटकर महज 3,544 रह गई है। यानी सिर्फ एक वर्ष के भीतर 226 छात्र कम हो गए हैं।
ब्लॉक के भीतर सरकारी स्कूलों की स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय लीली और होराली में कक्षा छह से लेकर आठ तक कुल मिलाकर सिर्फ 21 विद्यार्थी ही पढ़ाई कर रहे हैं।
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गिरावट का यह रुख केवल दूरदराज के छोटे स्कूलों तक सीमित नहीं है बल्कि ब्लॉक के बड़े और प्रतिष्ठित कॉलेजों में भी छात्र संख्या तेजी से घटी है। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज कपकोट में हालांकि वर्तमान में सर्वाधिक 326 छात्र हैं लेकिन पिछले वर्ष यहां 378 छात्र थे, यानी एक साल में यहां भी 52 छात्र कम हो गए। वहीं, अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कॉलेज सूपी में इस समय केवल 233 विद्यार्थी ही अध्ययनरत हैं।
सरकारी विद्यालयों में तालाबंदी की मुख्य वजहें
- शिक्षकों के रिक्त पद : सरकारी विद्यालयों में मुख्य विषयों के प्रवक्ताओं के पद लंबे समय से रिक्त हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह चौपट है।
- पलायन : ग्रामीण क्षेत्रों से बेहतर रोजगार, उच्च शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं के लिए हो रहा मैदानी क्षेत्रों की ओर पलायन भी स्कूलों के खाली होने का बड़ा कारण है।
- गैर-शैक्षणिक कार्य : शिक्षकों की मूल शिक्षण कार्य के इतर अन्य सरकारी व्यवस्थाओं और ड्यूटियों में व्यस्तता के कारण भी गुणात्मक शिक्षा प्रभावित हो रही है जिससे अभिभावकों का रुझान निजी स्कूलों की तरफ बढ़ रहा है।
- स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते शासन-प्रशासन ने रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती नहीं की तो आने वाले कुछ ही सालों में कपकोट के कई सरकारी विद्यालयों का वजूद पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।
कोट:
हमारा मुख्य ध्यान अब विद्यालयों में गुणात्मक शिक्षा में सुधार लाने और बच्चों के लिए एक बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने पर है। शिक्षकों से भी आह्वान किया गया है कि वे शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें ताकि अभिभावकों का भरोसा सरकारी स्कूलों पर फिर से बहाल हो सके। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से सामूहिक और ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। - विनय कुमार, सीईओ, बागेश्वर
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