कांडा क्षेत्र का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
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कांडा-कमस्यार क्षेत्र के करीब 80 गांवों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए कांडा में स्थापित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्टाफ नर्स और रात्रि कालीन चौकीदार नहीं है। अस्पताल के नलों में पानी का बूंद नहीं टपकने से रोगियों और तीमारदारों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। अस्पताल की लंबित समस्याओं का समाधान नहीं होने के कारण क्षेत्र के लोगों में रोष है। लोगों ने इन समस्याओं को लेकर वोट मांगने आने वालों को घेरने का मन बना लिया है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा का भवन वर्ष 2010 में बन गया था। अस्पताल में स्टाफ नर्स के तीन पद सृजित हैं लेकिन तैनाती एक भी नहीं है। नर्सों के नहीं होने के कारण खास तौर पर प्रसव पीड़िताओं को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। नर्स नहीं होने के कारण कई पीड़िताएं यहां से 25 से 80 किमी दूर जिला अस्पताल में प्रसव कराने को मजबूर रहती हैं। इसमें में कई परेशानियां होती हैं। इसी तरह अस्पताल में रात्रि कालीन चौकीदार की भी तैनाती नहीं हो सकी है।
चौकीदार नहीं होने के कारण अराजक तत्व भवन को नुकसान पहुंचाते रहते हैं। अस्पताल के लिए अलग से पीने के पानी की लाइन नहीं है। पेयजल संस्थान की लाइन तो है लेकिन आपूर्ति अनियमित ही रहती है। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधि अस्पताल को अपग्रेड के मामले श्रेय लेते थक नहीं रहे लेकिन समस्या के समाधान के लिए कोई बोलने को तैयार नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से समस्याओं का शीघ्र समाधान कराने के लिए प्रभावी कार्रवाई करने को कहा है। इधर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एसएल साह के अनुसार रिक्त पदों की सूचना उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। गांव के जल स्रोतों से ग्रामीण पानी देने से इंकार करते हैं। पानी के स्टोरेज के लिए बड़ी टंकी बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। बजट मिलने पर ही इस समस्या का समाधान होगा।