शराब की दुकान बंद करने को लेकर ज्ञापन देतीं महिलाएं।
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कांडा पुलिस द्वारा शराब विरोधी 40 महिलाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज करने से क्षेत्र के लोगों का गुस्सा मंगलवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया है। गुस्साई महिलाओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात की और उनसे फर्जी मुकदमों को शीघ्र वापस लेने के लिए पुलिस को निर्देशित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मुकदमे शीघ्र वापस नहीं हुए और न्यायालय के आदेश के अनुसार कांडा में शराब की दुकानें खोली गईं तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।
नारायणगूंठ की प्रधान सविता नगरकोटी की अगुवाई में यहां पहुंची कांडा की महिलाओं ने जिलाधिकारी से मुलाकात की। उन्होंने डीएम को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर एनएच से दो सौ मीटर दूर, स्कूल और मंदिरों के आसपास शराब की दुकानें नहीं खेाली जानी हैं। इसी आदेश का सम्मान करते हुए वह कांडा पड़ाव क्षेत्र में शराब की दुकान नहीं चाहते हैं। कुछ लोग वहां जबरन शराब की दुकान खोलने का प्रयास कर रहे हैं जिसका वह पुरजोर विरोध कर रही हैं। रविवार को अवैध शराब का विरोध किया न कि उन्होंने बोतलों को तोड़ा। पुलिस ने इस मामले में फर्जी तौर पर 40 महिलाओं के खिलाफ मुकदमे कायम कर दिए हैं जिसका वह कड़ा विरोध करती हैं।
उन्होंने डीएम से फर्जी मुकदमों को शीघ्र निरस्त करने और कांडा पड़ाव क्षेत्र में किसी भी हालत में शराब की दुकानें नहीं खोलने की मांग की। उन्होंने मांग पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। ज्ञापन देने वालों में ग्राम प्रधान धपोली निर्मला धपोला, महिला मंगल दल की अध्यक्ष भागीरथी देवी, मोहनी देवी, कमला देवी, मोहनी आदि शामिल थीं।