जनपद के अधिकांश जंगल आग की चपेट में हैं। पिछले एक सप्ताह से वनों में आग लगने के कारण चारों ओर धुआं और धुंध छाई हुई है। अभी तक लाखों मूल्य की वन्य संपदा जलकर राख हो चुकी है।
शरारती तत्वों के आग लगा देने से बागेश्वर जिले के वन लगातार सुलग रहे हैं। कई वनों में तीन से अधिक बार आग लगने की घटनाएं हो चुकी हैं। चीड़ की बहुलता वाले वन्य क्षेत्रों में आग तेजी से फैल रही है। जनपद में अभी तक आग के कारण सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र कांडा रहा है।
बागेश्वर से लेकर कांडा तक के सभी जंगलों में आग लग चुकी है। कमेड़ीदेवी क्षेत्र में आग के कारण चौड़ी पत्ती वाले वनों को भी नुकसान पहुंचना शुरू हो गया है। एक साथ कई वनों में आग लगने की घटनाएं होने से वन विभाग की अग्नि सुरक्षा की सारी कोशिशें बेकार हो रही हैं। कांडा क्षेत्र के पल्ला कमस्यार के जंगल पिछले चार दिनों से धूंधूं कर जल रहे हैं।