कांडा तहसील मुख्यालय के गैस गोदाम के निकट हो रहे खड़िया खनन को बंद करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए तहसील प्रशासन ने खड़िया खनन पर रोक लगा दी है। एसडीएम ने तहसीलदार को खनन कार्य को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं।
मालूम हो कि ग्रामीणों ने चनेत में गैस गोदाम से महज पांच मीटर की दूरी पर हो रहे खड़िया खनन के कार्य करने की शिकायत करते हुए प्रशासन से इसको बंद करने की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप था कि खड़िया खनन से गैस गोदाम के भवन को खतरा पैदा हो गया है। खनन स्थल के ठीक ऊपर दलित बस्ती में रहने वाली 150 लोगों की आबादी भी खतरे में है। ग्रामीणों ने खनन से भविष्य में भूस्खलन और पेयजल स्रोत सूखने का खतरा भी बताया था। इस मामले में तहसील प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होते देख गुरुवार को ग्रामीण जिला मुख्यालय पहुंच गए।
कलक्ट्रेट में कालिका मंदिर कांडा के संरक्षक भगवान सिंह माजिला और जिला पंचायत सदस्य भगत डसीला के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर प्रशासन के समक्ष खड़िया खनन पर रोक लगाने की मांग उठाई। ग्रामीणों के आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देश पर कांडा तहसील प्रशासन ने गैस गोदाम के समीप हो रहे खड़िया खनन पर रोक लगा दी है। एसडीएम रिंकू बिष्ट ने कहा है कि खड़िया खनन के कारण भविष्य में गैस गोदाम को खतरा पैदा होने की संभावना है। उन्होंने बिना किसी विलंब के खड़िया खनन का कार्य बंद करने के निर्देश दिए हैं।