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मुख्यमंत्री की बेटी ने कलांजय का भ्रमण कर कलाकृतियों की सराहना की

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बागेश्वर में कालांजय के संस्थापक हरीश दफौटी के साथ मुख्यमंत्री की बेटी कृति। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की बेटी कृति रावत ने बुधवार को कलांजय दीर्घा का भ्रमण कर चीड़ के बगेट और रिंगाल से बनाई गई कलाकृतियों की सराहना की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री भी कलांजय से जुड़े कलाकार प्रमोद की सराहना कर चुके हैं। मुख्यमंत्री की पुत्री के भ्रमण का कार्यक्रम गोपनीय रखा गया था। इस कारण इस कार्यक्रम की भनक किसी को नहीं लगी।
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सीएम की पुत्री कृति रावत मंगलवार दोपहर अचानक जिला मुख्यालय के मोहल्ला भागीरथी स्थित डॉ. हरीश दफौटी के कलांजय परिसर में पहुंचीं। सीएम की पुत्री ने काष्ठकला की सराहना कर इसे देखना बेहतरीन अनुभव बताया। उन्होंने रिंगाल और चीड़ के बगेट का बेहतरीन इस्तेमाल करने के लिए युवा कलाकारों की सराहा और स्वयं भी इन साधनों का उपयोग करने की बात कही।
कलांजय के प्रबंधक डॉ. दफौटी ने बताया कि पेशे से डिजाइनर होने के कारण कृति को कला की बेहतर समझ है। उन्होंने युवाओं की कलाकृतियों के बारे में अपनी राय दी और इसे बेहतर बनाने का भी सुझाव दिया। दफौटी ने बताया कि कृति रावत की हौसला अफजाई से युवा कलाकारों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। जीआईसी सलानी के कला शिक्षक डॉ. हरीश दफौटी ने आर्थिक रूप से कमजोर हुनरमंदों को मंच दिलाने के लिए कलांजय की स्थापना की है। कई युवा अपने हुनर और प्रतिभा के बल पर आकर्षक कलाकृतियां बना रहे हैं। यह उनकी आय का भी साधन बन रहा है। कलांजय के कलाकार बगेट और रिंगाल की कलाकृतियां बनाने के साथ नवनिर्मित मकानों में इन वस्तुओं से सजावट का काम भी करते हैं।
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