श्री राम सांस्कृतिक और सामाजिक सेवा समिति की ओर से राजकीय इंटर कालेज अल्मोड़ा के मैदान में चल रहे सात दिवसीय जन्माष्टमी सावन महोत्सव में सोमवार की रात कलाकारों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बांसुरी वादक मोहन जोशी के श्याम तेरी बंशी को बजने से काम, लोग करें मीरा को यूं ही बदनाम... गीत से रंगारंग कार्यक्रमों का आगाज हुआ। देवभूमि मां शारदे लोक कला समिति के कलाकारों ने कुमाऊंनी गीतों की प्रस्तुति दी।
लोक गायक दीवान कनवाल ने तू न्हे जाली मैता कसिक काटनू रंगीलो चैता..., गोविंद दिगारी ने लागा चुनरी में दाग छुपाऊं कैसे घर जाऊ कैसे..., मेरे रसके कमर तूने पहली नजर..., संदेशे आते हैं हमें तड़पाते हैं..., आदि गीत गाए। उन्होंने लोक गायक स्व. पप्पू कार्की के गीत डीडीहाटे की कमला छोरी दिल ली गई तू चोरी-चोरी गाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
लोक गायक गजेंद्र राणा ने जै हो नंदा देवी तेरी जै बोला गढ़-कुमाऊं की माता मेरी जै बोला..., पुष्पा छोरी पौड़ी खाले की लगदी छै तू बड़ कमाल की, बबली तेरो मोबाइल वाह भई तेरी स्माइल.. गीत गाए। गायक संगीता टम्टा ने भी गीत गाए।
कलाकारों के कुमाऊंनी और हिंदी गीतों पर दर्शक दीर्घा में बैठे लोग झूम उठेे। मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहन सिंह मेहरा ने कहा कि महोत्सव और मेले सांस्कृतिक नगरी की पहचान है। मुख्य अतिथि मेहरा के अलावा विशिष्ट अथिति पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पीतांबर पांडे, शेखर लखचौरा, पूरन रौतेला, संजय टम्टा, जगदीश पांडे, मंगल सिंह, मनीष जोशी, रवि रौतेला को सम्मानित किया। संचालन गीतम भट्ट ने किया।
झूमते-झूमते मंच के करीब पहुंच गईं युवतियां
लोक गायक गजेंद्र सिंह राणा और गोविंद दिगारी के गीतों पर महोत्सव में दर्शक दीर्घा में बैठीं युवतियां अपने को रोक नहीं सकीं और वह अपनी जगह पर खड़ी होकर नाचने लग गईं। देखते ही देखते कुछ युवतियां नाचते हुए मंच के करीब तक आ गईं और उन्होंने वहीं पर जमकर नृत्य किया। कुछ दर्शक अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर झूमने लगे।