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समस्याओं के मकड़जाल में फंसी जगथाना ग्राम पंचायत 

Sat, 09 Dec 2017 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, संजय जोशी  कपकोट (बागेश्वर)।
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जगथाना गांव का दृश्य।  - फोटो : अमर उजाला
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शासन-प्रशासन के विकास के तमाम दावों के बावजूद विकास खंड की सुदूरवर्ती जगथाना ग्राम पंचायत समस्याओं के मकड़जाल में फंसी हुई है। स्थिति यह है कि आज भी यहां के ग्रामीणों को फोन करने के लिए 10 किमी दूर हरसीला की दौड़ लगानी पड़ती है। आयुर्वेदिक अस्पताल को फार्मेसिस्ट के भरोसे छोड़ दिया गया है, जबकि गांव में एएनएम सेंटर तक नही है। नव स्वीकृत हाइस्कूल की कक्षाएं जूहा के भवनों में चल रही हैं। ग्रामीणों ने डीएम को आज तक गांव में नहीं देखा है। ग्रामीणों का कहना है राजनेता सिर्फ वोट मांगने ही गांव में आते हैं। 
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वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार जगथाना ग्राम पंचायत की जनसंख्या 1300 है, जबकि गांव में 750 वोटर हैं। धरखोला गैरपातल, धौड़ागाड़, जेबला, खितौली, उडियार, तल्लाखोला तोकों में बंटी इस ग्राम पंचायत में रोजगार के संसाधन नहीं होने से कई लोग पलायन कर बागेश्वर, हल्द्वानी और दिल्ली चले गए हैं। समस्याओं का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में गुस्सा है। 

गांव में इसी सत्र से हाइस्कूल की कक्षाओं का संचालन हुआ है। भवनों का निर्माण नहीं होने के कारण कक्षाएं जूहा के भवन में चल रही हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई में दिक्कतें हो रही हैं। 
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प्रतिमा देवी, ग्राम प्रधान। 

गांव को पीएमजीएसवाई से तो जोड़ा तो गया है, लेकिन डामरीकरण नहीं होने से उसमें अब बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों से होकर जाने में वाहनों के खाई में गिरने की आशंका बनी रहती है। डामरीकरण की मांग पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 
हीरा सिंह, ग्रामीण। 

जेबला तोक में पीने के पानी का संकट है। जल संस्थान से शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाई नहीं हो रही है। गधेरों में पैदल पुल नहीं होने से बरसात में उन्हें पार करना मुश्किल हो जाता है। 
- खड़क सिंह बघरी, ग्रामीण 

गांव में अस्थायी तौर पर आयुर्वेदिक अस्पताल खोला गया है, डॉक्टर नहीं होने से उसे फार्मेसिस्ट के भरोसे छोड़ रखा है। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए ग्रामीणों को यहां से 30 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है। 
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खीम सिंह, ग्रामीण। 

समस्याओं को जानने के लिए गांव में जाकर चौपाल बैठक की जाएगी। लंबित समस्याओं के समाधान का पूरे प्रयास किए जाएंगे। 
- बलवंत भौर्याल, विधायक विधानसभा क्षेत्र कपकोट।  
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