कांडा/बागेश्वर। जिले में मौसम के बदले मिजाज ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कमस्यार घाटी समेत कांडा और आसपास के क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश ने मई के महीने में फरवरी जैसी ठंड का अहसास करा दिया। बेमौसम बारिश और आंधी-तूफान ने जहां शादी वाले घरों की चिंता बढ़ा दी है वहीं किसानों की मेहनत पर भी पानी फेर दिया है।
बुधवार को बुधवार को शाम तीन बजे से पांच बजे तक बारिश का सबसे बुरा असर गरुड़ क्षेत्र के किसानों पर पड़ा है। क्षेत्र में अभी तक 50 प्रतिशत फसल की कटाई भी पूरी नहीं हो पाई है। बारिश के डर से किसानों ने गेहूं काटकर खेतों में ही ढेर लगा रखे हैं और उन्हें तिरपाल से ढका है। नमी और लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर खेतों में ही गेहूं अंकुरित होने लगा है, जिससे किसानों की सालभर की मेहनत बर्बाद होने की कगार पर है। सहालग के बीच आंधी और बारिश ने परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिछले दिनों चली तेज आंधी से कई जगह शादी के टेंट तक उड़ गए, जिससे आयोजकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। जिले का अधिकतम तापमान गिरकर 22 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि कुछ दिन पहले यह 30 डिग्री के पार था।
....कोट
मौसम विभाग ने आगामी 9 मई तक जिले में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज आंधी चलने की चेतावनी जारी की है। आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। - शिखा सुयाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, बागेश्वर