कपकोट तहसील मुख्यालय से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पोथिंग गांव में ठीक से मोबाइल सिग्नल भी नहीं आते हैं। कुछ स्थानों पर सिग्नल के लिए लोकेशन ढूंढनी पड़ती है तो अधिकांश लोगों को घरों से बाहर आकर बातचीत करनी पड़ती है। पोथिंग गांव के अलग-अलग तोकों में लगभग ढाई हजार की आबादी निवास करती है। परंतु इस क्षेत्र में अभी बेहतर संचार सुविधा तक नहीं है। टावर नहीं होने से मोबाइल फोन में सिग्नल नहीं आते हैं। कपकोट में लगे टॉवर से मिलने वाले सिग्नल आते-जाते रहते हैं।
लोगों को बातचीत करने के लिए घरों से बाहर आना पड़ता है। चारों ओर से पहाड़ियां होने के चलते कुछ स्थानों पर बिल्कुल भी सिग्नल नहीं आते हैं। बेहतर संचार सेवाओं के अभाव में लोग इंटरनेट सेवा का लाभ भी ठीक से नहीं उठा पाते हैं। क्षेत्रवासी पिछले लंबे समय से पोथिंग में मोबाइल का टॉवर लगाने या फिर कपकोट में स्थापित टॉवर की रेंज बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, परंतु अभी तक कोई सुध नहीं ली गई है। इसके चलते लोगों को 4 जी के इस दौर में बातचीत के लिए भी तरसना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि कई बार क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और दूर संचार विभाग से इस संबंध में मांग की जा चुकी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। क्षेत्रवासियों ने शीघ्र पोथिंग क्षेत्र में एक मोबाइल टॉवर लगाने की मांग की है।