बागेश्वर। जिले में मानसून के आगामी आगमन को देखते हुए सिंचाई विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बरसात के मौसम में संभावित आपदा और बाढ़ की स्थिति से निपटने तथा नदियों के जलस्तर की सटीक मॉनिटरिंग के लिए विभाग की ओर से विशेष कार्यवाही शुरू की गई है। इसके तहत सरयू और गोमती नदी के विभिन्न संवेदनशील घाटों पर बने सूचकांकों को दुरुस्त और साफ किया जा रहा है।
सिंचाई विभाग ने सरयू नदी के तट पर कपकोट और मुख्य नगर में बने जलस्तर मापने वाले सूचकांकों को नए सिरे से पेंट कर पूरी तरह पारदर्शी और स्पष्ट बनाया जा रहा है। गोमती नदी पर भी नगर क्षेत्र और गरुड़ में स्थापित गेजों की डेंटिंग-पेंटिंग का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। सूचकांकों के साफ और चमकदार होने से नदी के बढ़ते या घटते जलस्तर की रीडिंग लेने में आसानी होगी और दूर से ही पानी के सटीक स्तर का अंदाजा लगाया जा सकेगा।
मानसून के दौरान पहाड़ों में होने वाली भारी बारिश से सरयू और गोमती नदियों का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में सूचकांकों की स्पष्टता बेहद महत्वपूर्ण होती है, ताकि कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ नदी के डेंजर लेवल पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख सके। जलस्तर का सही और त्वरित आकलन होने से तटीय इलाकों में रहने वाली आबादी को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर भेजने और अलर्ट जारी करने में बड़ी मदद मिलेगी।
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बरसात के मौसम में नदियों के जलस्तर का सही और सटीक आकलन करने के लिए मानसून आने से पहले ही यह एहतियाती कदम उठाया जा रहा है। सरयू और गोमती नदी में विभिन्न स्थानों पर बने गेजों को पेंट कर स्पष्ट और दृश्यमान बनाया जा रहा है, ताकि आपातकालीन स्थिति में रीडिंग लेने में कोई त्रुटि न हो।
......हामिद हसन, ईई, सिंचाई विभाग, बागेश्वर