बागेश्वर। जिले में मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे अपंजीकृत डॉक्टरों के खिलाफ जिला प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम आकांक्षा कोंडे ने सीएमओ को अपंजीकृत चिकित्सकों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने उच्च जोखिम गर्भावस्था के मामलों की एसीएमओ स्तर पर नियमित और प्रभावी समीक्षा करने के भी निर्देश दिए।
मंगलवार को कलक्ट्रेट सभागार में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा करते हुए डीएम कोंडे ने गर्भवतियों के कम पंजीकरण वाले क्षेत्रों की पहचान करने को कहा। शत-प्रतिशत गर्भावस्था पूर्व प्रसव जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने पिछले पांच साल में प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा कराए गए प्रसव और उनसे संबंधित मृत्यु के आंकड़े प्रस्तुत करने को कहा। संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के लिए निरंतर और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक माह के भीतर सभी जन औषधि केंद्रों को पूर्ण रूप से संचालित कराने को कहा। 30 जनवरी तक शत-प्रतिशत एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज/असंक्रामक रोग) स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग से समाज कल्याण और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर दिव्यांग बच्चों का चिह्नीकरण कर दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। प्रत्येक दिव्यांग का हर हाल में प्रमाणपत्र बनाने के निर्देश दिए। इस मौके पर सीएमओ डाॅ. कुमार आदित्य तिवारी, एसीएमओ डॉ. दीपक कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी जसमीत कौर, सीईओ विनय कुमार आदि मौजूद रहे।