फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बयान से मुकरने पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

Mon, 21 Nov 2016 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
न्यायालय में बयान से मुकरने पर  मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दो महिलाओं को नोटिस जारी करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। जबकि मामले में आरोपी बनाए गए अभियुक्तगण को दोषमुक्त करार दिया है।


मामले के अनुसार आशा देवी ने बागेश्वर कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट में कहा था कि उनके द्वारा महिला मंगल दल अनर्सा, देवलचौरा में देशी शराब की दुकान खुलने के विरोध में अक्तूबर 2014 से आंदोलन चलाया जा रहा है। 26 जुलाई 2015 को सायं सात बजे जब वह दो अन्य महिलाओं के साथ काम खत्म करके घर को जा रहे थे तो शराब की बिक्री कर आ रही एक कार से उन्हें कुचलने का प्रयास किया गया। कार में पीछे बैठे व्यक्ति ने लीला देवी को घूंसा मारा और ललिता देवी का दुपट्टा खींचकर बेइज्जती करने की कोशिश की गई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में मामला जाने के बाद महिलाओं ने धारा 164 के बयानों में घटना की पुष्टि की
विज्ञापन
विज्ञापन


 
लेकिन अदालत में हुए ट्रायल में दोनों महिलाओं ने मारपीट, गालीगलौज, जान से मारने की धमकी और छेड़छाड़ से इनकार कर दिया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राकेश कुमार सिंह ने अदालत में झूठी गवाही देने पर दोनों महिलाओं के विरुद्ध धारा 344 के तहत नोटिस जारी करते हुए मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश जारी किया गया। जबकि अभियुक्तगण को दोषमुक्त किया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने अपनी टिप्पणी में कहा कि विधि का मुख्य उद्देश्य सामाजिक गतिविधियों  का सुचारु संचालन है। झूठी गवाही न्याय के उद्देश्य को खंडित करता है। अत: ऐसी स्थिति में न्यायालय मूक दर्शक नहीं हो सकती है। न्यायालय में कुल 10 गवाह पेश किए गए। इस मामले में अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य और नामिका अधिवक्ता मोहन राम आर्या ने पैरवी की। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें