बागेश्वर। पिंडर घाटी के वाछम गांव में वन पंचायत संघर्ष मोर्चा ने जागरूकता शिविर लगाया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को वन अधिकार अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई। उन्हें अपने अधिकारों को जानने और उनकी रक्षा के लिए कार्य करने को प्रेरित किया गया। वन पंचायत सरपंच संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दान सिंह कठायत ने बताया कि यह अधिनियम वन में रहने वाले अनुसूचित जनजातियों, अन्य पारंपरिक निवासियों को वन संसाधनों पर उनके अधिकारों की मान्यता देता है। जिन समुदायों को दशकों से उनके भूमि और वन संसाधनों से वंचित रखा था उन्हें वन के प्रबंधन और संरक्षण में शामिल करने की लोकतांत्रिक मान्यता भी इस अधिनियम के तहत मिली है। बताया कि अधिनियम के तहत ग्रामीण अपने पारंपरिक वन अधिकारों का दावा कर सकते हैं। शिविर में ग्रामीणों को सामुदायिक स्तर पर दावा पत्र तैयार करने की बारीकियों बताई गईं और कानूनी पहलुओं का भी बोध कराया गया। इस मौके पर संगठन के प्रदेश संयोजक गोपाल लोधियाल, सरपंच वाछम मोहन सिंह, सरपंच खाती लीला देवी, चंदन सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद