खुले में शौच से मुक्त गांवों के प्रधान।
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विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर रविवार को कलक्ट्रेट सभागार में स्वजल परियोजना के सौजन्य से डीएम रंजना की अध्यक्षता में ग्राम पंचायतों में जन जागरूकता के लिए गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें खुले में शौच मुक्त हो चुके 28 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों को डीएम ने प्रशस्ति पत्र एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधानों के सहयोग से जिला ग्रामीण स्वच्छता में देश में प्रथम स्थान पर रहा है। उन्होंने ग्राम प्रधानों को बधाई देते हुए कहा कि खुले में शौच मुक्त के बाद दूसरी चुनौती जैविक और अजैविक कूड़ा प्रबंधन की है। कहा कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में जो ग्राम पंचायत अच्छा कार्य करेगी उसे 26 जनवरी को सम्मानित किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि ग्रामीण स्वच्छता कार्यक्रम में जिले जनपद को प्रथम स्थान में लाने में मुख्य भूमिका ग्राम प्रधानों की रही है। साथ ही इस कार्य में लगे अधिकारियों, कर्मचारियों का सहयोग भी सराहनीय रहा है। उन्होंने पर्यटन अधिकारी को ग्राम प्रधानों का सहयोग लेकर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गांव में पर्यटन स्थलों को चिन्हित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम को एडीएम राहुल गोयल, सीडीओ केएन तिवारी ने भी संबोधित किया। जिला पंचायत राज अधिकारी पूनम पाठक आदि ने भी संबोधित किया। गोष्ठी में ईओ नगरपालिका राजदेव जायस, पर्यटन अधिकारी पीके गौतम, स्वजल परियोजना से गिरिजा भट्ट, ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर रोहित बहुगुणा आदि थे।