1971 में हुए भारत-पाक युद्ध में बागेश्वर जिले के 24 जवानों ने शहादत दी। इनमें से सेना द्वारा चार जवानों को वीर चक्र से सम्मानित किया गया। आजादी के बाद से अब तक पाकिस्तान और चीन के साथ हुए युद्ध सहित विभिन्न आपरेशनों में जिले के 183 जवान अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं।
बागेश्वर जिले के जांबाज देश की सीमाओं की रक्षा में प्रथम पंक्ति पर रहे हैं। जिले में इस समय 12 हजार से अधिक पेंशनर और उनके आश्रित रह रहे हैं जिनमें से 59 जवान विभिन्न वीरता पदक से सम्मानित हो चुके हैं। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी लेफ्टिनेंट आरसी तिवारी ने बताया कि 1961 के चीन युद्ध में 21, 1965 के पाक युद्ध में 36, 1971 के पाक युद्ध में 24 जवानों ने शहादत दी है। इनमें से चार जवानों को सेना की ओर से वीर चक्र से सम्मानित किया गया। इसके अलावा देश की अलग-अलग सीमाओं पर चले आपरेशन ब्लू स्टार, आपरेशन मेघदूत, आपरेशन रक्षक, आपरेशन पराक्रम और आपरेशन विजय में 51 जवान वीरगति को प्राप्त हुए।
1971 में जिले के इन जवानों ने दी शहादत
जोगा सिंह, उमेद सिंह, बालादत्त, किशन सिंह, हर सिंह, मेहरबान सिंह, भवानी सिंह, खुशी राम, खड़क सिंह, नारायण सिंह, तेज सिंह, दीवान राम, भीम सिंह, राम लाल, केआर जोशी, पुष्कर सिंह, नर सिंह, मोहन राम, भैरव दत्त, शंकर दत्त, लाल सिंह, मोहन चंद्र, गजे सिंह, करम सिंह।
इन जांबाजों को मिला वीर चक्र
स्व. हवलदार शंकर दत्त निवासी स्यांकोट, स्व. सिपाही खड़क सिंह निवासी सूपी, सूबेदार मेजर नंदन सिंह निवासी परमाटी, नायब सूबेदार गंगा सिंह निवासी कपूरी।