बागेश्वर। मां नंदा-सुनंदा महोत्सव और गणेश महोत्सव का समापन पूरे धार्मिक उल्लास और परंपरा के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर नगर में भव्य शोभायात्राएं निकाली गईं, जिसके बाद सरयू नदी और पावन सरयू-गोमती संगम में प्रतिमाओं को विसर्जित किया गया।
नुमाइशखेत मैदान से मां नंदा-सुनंदा की भव्य मूर्तियों की शोभायात्रा ढोल-नगाड़ों और पारंपारिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ शुरू हुई। शोभायात्रा ने पूरे नगर क्षेत्र का भ्रमण किया, जहां श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर मां नंदा-सुनंदा का आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात शास्त्री गोकुलानंद जोशी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रतिमाओं का सरयू नदी में भक्तिभाव से विसर्जन किया गया। इस दौरान मेला कमेटी के कंचन साह, कौशल उपाध्याय, तारू पांडेय, मंटू कपकोटी, नितिन साह, दीपक साह, भगवान साह, नूतन साह, मनोज पांडेय, गीता उपाध्याय और जीवंती कांडपाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। संवाद
गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से गुंजायमान हुआ बागनाथ धाम
ऐतिहासिक बागनाथ मंदिर परिसर में स्वर्णकार समिति की ओर से आयोजित गणेश महोत्सव का भी भव्य शोभायात्रा के साथ समापन हुआ। मुख्य यजमान अमित रस्तोगी की उपस्थिति में पंडित राजेश कांडपाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न कराई। इसके बाद ढोल-नगाड़ों की थाप और गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तुम जल्दी आना के जयकारों के साथ गणपति बाप्पा की शोभायात्रा नगर भ्रमण पर निकली। नगर परिक्रमा के बाद प्रतिमा को पवित्र सरयू संगम में विसर्जित किया गया। कार्यक्रम में स्वर्णकार समिति के अध्यक्ष पारस वर्मा, मनोज वर्मा, उदित, हरीश गोस्वामी समेत समिति के सभी पदाधिकारी और सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।