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झिरौली में रोका जाए अवैध खनन

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बागेश्वर। जनौटी पालड़ी क्षेत्र स्थित झिरौली के ग्रामीणों ने डीएम को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि उनके खेतों में हो रहा अवैध खनन रोका जाए।
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झिरौली के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को डीएम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा। बताया कि उनके खेतों में जबरन खनन किया जा रहा है। इस आदेश को शीघ्र रोककर उन्हें न्याय दिलाया जाए। ग्रामीण गायत्री प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन कंपनी को सौंपी है। वे साल 2002 में अपने पिताजी की जगह कंपनी में कार्यरत हैं। बताया कि वह ब्लास्टिंग विभाग में हेल्पर हैं। ब्लास्टिंग विभाग और माइनिंग मेटों के विभागीय यूनियन प्रतिनिधि भी हैं।
आरोप लगाया कि कार्य पूरा करने के बाद भी कंपनी उन्हें अनुपस्थित दर्शा रही है। 20 जनवरी से उन्हें वापस कार्य पर नहीं लिया गया और माइन से फैक्ट्री स्थानांतरित की जा रही है। देवलधार के विस्थापित परिवारों को भी परेशान किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें शीघ्र न्याय नहीं मिला तो 24 जनवरी से खदान क्षेत्र पोस्ट में आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर झिरौली की ग्राम प्रधान शीला देवी, पूजा देवी, कैलाश चंद्र, कंचन कुमार, सुरेंद्र लाल, महेश चंद्र, ममता देवी, सुरेश चंद्र, हरि लाल, मोहनी देवी, मनोज कुमार आदि रहे।
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करीब 40 साल पहले झिरौली के ग्रामीणों से जमीन ली गई थी। उस समय कुछ जमीन खरीदी गई और कुछ अधिग्रहित की गई थी लेकिन ऑनलाइन खतौनी में अब भी यह जमीन किसानों के नाम ही दर्शायी जा रही है। इस कारण पुराने अनुबंध पत्र और दस्तावेजों के आधार पर जांच की जा रही है। ग्रामीणों की शिकायत पहले ही मिल चुकी है। इस पत्र के आधार पर जांच की जा रही है। जांच के बाद ही जरूरी कार्यवाही की जाएगी। वहीं स्थानांतरण वाले मामले में माइन और फैक्ट्री की दूरी केवल पांच किमी है। किसी भी कार्मिक का स्थानांतरण और डयूटी में बदलाव कंपनी के नियमों में शामिल है।
- योगेश शर्मा, एमडी अल्मोड़ा मैग्नेसाइट फैक्ट्री झिरौली, बागेश्वर।
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