कपकोट क्षेत्र में सरयू नदी में मानकों को ताख पर रखकर निर्माणाधीन पुल की 200 मीटर परिधि में अवैध रूप से खनन किया जा रहा है। मशीनों से खनन होने के कारण पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन से अवैध खनन पर रोक लगाने की मांग की है।
कठायतबाड़ा निवासी हरीश सिंह खेतवाल ने जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में कपकोट के चीराबगढ़ गांव में सरयू नदी में नियमों को ताख पर रखकर खनन करने की शिकायत की है। उनका कहना है कि न्यायालय के निर्देशों के तहत नदियों में निर्माणाधीन पुलों के निकट खनन कार्य नहीं किया जा सकता है। इसके बावजूद सरयू नदी में मानकों के विपरीत खनन किया जा रहा है। यदि इसी तरह से भारी भरकम मशीनों से खनन कार्य होता रहा तो भविष्य में पुल को गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
अवैध खनन के कारण पर्यावरण को भी क्षति पहुंच रही है। खनन के कारण बरसात में भू कटाव का खतरा और अधिक बढ़ जाएगा। हरीश सिंह ने जनहित और पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए जिला प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उन्होंने जिला प्रशासन के साथ ही मुख्यमंत्री और कुमाऊं कमिश्नर को भी अवैध खनन के शिकायत पत्र की प्रतियां भेजी हैं।