नगर के शीर्ष पर स्थित नीलेश्वर मंदिर और वृद्धाश्रम को जाने वाली सड़क खस्ताहाल है। इस सड़क में वाहन तो दूर पैदल चलने में भी लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालात यह हैं कि इस सड़क में आपातकाल में एंबुलेंस ले जाने में भी बड़ा खतरा है। लोगों ने सड़क में शीघ्र डामरीकरण करने की मांग की है।
नगर के नीलेश्वर मंदिर और वृद्धाश्रम के लिए बाइपास सड़क से करीब दो सौ मीटर लंबा मोटर मार्ग बनाया गया है। नीलेश्वर मंदिर प्रमुख पर्यटन स्थल होने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही बनी रहती है। इस मंदिर से पूरा बागेश्वर शहर नजर आता है। इस सड़क में डामरीकरण नहीं होने से इसकी स्थित खड़ंजा मार्ग से भी बदतर हो चुकी है।
उबड़-खाबड़ होने से वाहनों के संचालन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हालात यह हैं कि बारिश होने पर सड़क कीचड़ में तब्दील हो जाती है। सड़क किनारे पैरापिट और अन्य सुरक्षा के इंतजाम भी नहीं किए गए हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता भूपेंद्र जोशी का कहना है कि वृद्धाश्रम होने के कारण इस सड़क में सुधार किया जाना और जरूरी है। सड़क की खराब हालत के कारण किसी का स्वास्थ्य खराब होने पर आपातकाल में एंबुलेंस तक इस सड़क में नहीं जा सकती है। खतरा मोल लेकर इस सड़क में वाहन संचालन हो रहा है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। उन्होंने शीघ्र सड़क में डामरीकरण करने की मांग की है।