बागेश्वर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत हुए बदलावों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। राज्य के शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशकों को पांच साल की उम्र पूरी होने से पहले पहली कक्षा में प्रवेश देने वाले विद्यालयों की मान्यता रद्द करने के निर्देश दिए हैं।
बीते शुक्रवार को शिक्षा सचिव की ओर से जारी पत्र के अनुसार कई विद्यालय बीते 13 जून को जारी आदेशों का पालन न करते हुए पांच की आयु में ही बच्चों को पहली कक्षा में प्रवेश दे रह हैं। इससे निर्धारित आयु मानकों का उल्लंघन हो रहा है। बच्चों का आयु के अनुसार कक्षाओं में प्रवेश नहीं होने से उनपर शिक्षा का पढ़ाई का अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है।
इससे विद्यार्थियों के मानसिक विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जारी पत्र में सचिव रामन के बताया कि राज्य के स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु एक जुलाई तक पांच साल पूर्ण हो। तब ही छठे साल में उसे पहली कक्षा में प्रवेश दिया जा सकता है। उन्होंने निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द करने के भी निर्देश दिए हैं।