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सर्द मौसम में सरकार के खिलाफ हल्लाबोल

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बुधवार को आहूत देशव्यापी हड़ताल के दौरान बागेश्वर में नारेबाजी करते बैंककर्मी। - फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जनवरी के सर्द मौसम के बीच बुधवार को अल्मोड़ा बागेश्वर में केंद्रीय ट्रेड यूनियन के संयुक्त मंच और स्वतंत्र फेडरेशन के आह्वान पर हुई देशव्यापी हड़ताल के तहत ट्रेड यूनियनों से जुड़े लोगों ने जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। सरकारी संस्थानों के निजीकरण और सरकार की नीतियों के विरोध में विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन किया। उन्होंने सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से कई विभागों में कामकाज प्रभावित रहा। दोनों जिलों की आशा कार्यकर्ताओं ने भी प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। कई प्रमुख बैंकों के कर्मचारियों के भी हड़ताल में शामिल रहने से कामकाज प्रभावित हुआ।
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हम स्वास्थ्य विभाग की रीढ़, सुनो हमारी पीड़
बागेश्वर/रानीखेत/द्वाराहाट/मौलेखाल। आशा कार्यकर्ताओं ने मौलेखाल से तहसील तक जुलूस निकाला। उन्होंने तहसील में प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। कहा कि सरकार आशा वर्कर्स की मांगों के प्रति उदासीन बनी हुई है। आशाएं स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ है। इसके बावजूद आशा वर्कर्स को कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है। उन्होंने समस्याओं से संबंधित ज्ञापन मुख्यमंत्री को भेजा। वहां संगठन की अध्यक्ष उमा रावत, सचिव चंपा देवी, सविता देवी, कोषाध्यक्ष देवकी देवी, हीरा देवी, सुनीता देवी, शांति देवी, निर्मला देवी, आशा रावत, दीपा देवी आदि शामिल हैं। बागेश्वर में आशाओं ने एसडीएम राकेश तिवारी के माध्यम से सीएम को ज्ञापन भेजकर उन्हें उनका हक दिलाने की मांग की गई। इनमें अध्यक्ष सीमा खान, मंजू गढ़िया, गोमती सार्की, सरस्वती कोरंगा, पुष्पा शाही, मुन्नी देवी, पुष्पा देवी आदि थे। उधर, उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन शाखा रानीखेत और द्वाराहाट की आशा वर्कर्स भी हड़ताल पर रहीं। रानीखेत में बारिश के बावजूद तहसील में धरना प्रदर्शन हुआ। रानीखेत में जिला उपाध्यक्ष मीना आर्या, जया जोशी, ब्लॉक अध्यक्ष कमला जोशी, भावना बिष्ट, आशा पांडे, कुसुम बिष्ट, गोदावरी देवी और द्वाराहाट में अध्यक्ष ललिता मठपाल, उपाध्यक्ष विमला आर्या, कोषाध्यक्ष आशा कांडपाल आदि मौजूद थीं। संवाद/ब्यूरो
बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से कामकाज प्रभावित
बागेश्वर। जिले के कई प्रमुख बैंकों के कर्मचारियों के देशव्यापी हड़ताल में शामिल रहने से कामकाज प्रभावित हुआ। उत्तराखंड ग्रामीण बैंक अधिकारी और कर्मचारी संघ ने हड़ताल की। कर्मचारियों ने 11वां वेतन समझौता शीघ्र कर ग्रामीण बैंकों में तत्काल लागू करने की मांग की। एनपीएस को समाप्त कर पुरानी पेंशन लागू करने की मांग की। बैंकों में खाली पद शीघ्र भरे जाएं। जनविरोधी बैंकिंग सुधारों, बैंकों के अनुचित विलय का विरोध किया। कर्जदारों के लिए कठोर कदम उठाने की मांग की। जिले के नैनीताल बैंक, यूनियन बैंक, सेंट्रल बैंक, ग्रामीण बैंक सहित एलआईसी के कर्मचारियों के हड़ताल में शामिल होने से कई जगहों पर सार्वजनिक बैंकों की शाखाओं में नकदी निकासी, रुपये जमा करने, निकालने समेत अन्य गतिविधियां प्रभावित रहीं। वहां राजेंद्र मेहता, सुंदर कोरंगा, माधवी रॉय, मनीष गुसाईं, मुनीर खान, जनार्दन भंडारी, अनुराग मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, इंद्र सिंह मटियानी, प्रकाश उपाध्याय, भुवन चंद्र, कमल जखवाल आदि थे। सेंट्रल बैंक के शेखर कुमार, अंकित कुमार, राजेंद्र हड़ताल में शामिल रहे। संवाद
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एलआईसी शाखा कार्यालय पर कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन
बागेश्वर। बीमा कर्मचारी संघ ने बुधवार को हड़ताल की। इस दौरान संगठन ने शाखा कार्यालय के गेट पर धरना, प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने एलआईसी के शेयर बेचने की नीति पर रोक लगाने की मांग की। कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाल करने, बीमा क्षेत्र में एफडीआई बढ़ाने का विरोध, 2017 से लागू वेतन वृद्धि को शीघ्र देने, एलआईसी प्रीमियम पर जीएसटी वापस लेने की मांग, श्रम संहिता के नाम पर श्रमिक विरोधी परिवर्तनों पर रोक लगाने की मांग, ठेका प्रथा बंद करने की मांग की। हड़ताल में अध्यक्ष बसंत बल्लभ कांडपाल, उपाध्यक्ष मनु जैन, सचिव नंदन सिंह, उपसचिव चंद्रशेखर पाठक आदि रहे। संवाद
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