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न सड़क न संचार, पलायन कैसे रुकेगा सरकार

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बागेश्वर। विकास की दौड़ में बने रहने के लिए सड़क और संचार की सुविधा बेहद जरूरी है, लेकिन पोथिंग गांव इस आधुनिक युग में भी इन दोनों सुविधाओं की बाट जोह रहा है। गांव तक सड़क तो बनी लेकिन कोई सुधलेवा नहीं होने के कारण बदहाल है। संचार के नाम पर गांव की पहाड़ियों पर पकड़ने वाले हल्के सिगनल। ऐसे में गांव में रहकर स्वरोजगार की चाह रखने वाले युवाओं की हिम्मत भी जवाब दे जाती है। एक ही आस है कि सरकार गांव की समस्याओं का संज्ञान लेकर मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति करे।
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पोथिंग गांव की आबादी तीन हजार के करीब है। तहसील मुख्यालय का नजदीक होने के बावजूद विकास गांव से कोसों दूर है। गांव के लिए करीब 16 साल से सड़क का निर्माण कार्य चल रहा है। वर्तमान में भी सड़क पूरी तरह से बदहाल है। इससे भी बुरा हाल गांव में संचार सुविधा का है। गांव के 12 तोक में मोबाइल केवल शोपीस बने रहते हैं। सुविधाओं की तलाश में गांव के युवा महानगरों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं। वर्तमान में भी गांव के 45 प्रतिशत युवा आबादी महानगरों में रोजगार कर रही है। साधन संपन्न लोग गांव छोड़कर शहरों में बस रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए गांव में रहना ही नियति बन गई है। इन लोगों के पास सरकार को कोसने के सिवा दूसरा उपाय भी नहीं है।
पोथिंग गांव चुनाव में खड़े होने वाले प्रत्याशी की हार-जीत में अहम भूमिका निभाता है। इसके बाद भी गांव में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। सड़क, स्वास्थ्य और संचार की सुविधा नहीं होने के कारण युवा पलायन करने को मजबूर है। सरकार और जनप्रतिनिधि सिर्फ आश्वासन देेते हैं। - ललित जोशी ग्रामीण युवा
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विडंबना ही है कि गांव से राजनीति करने वाले शिखर तक पहुंच गए लेकिन ग्रामीण अब भी सड़क, संचार की मांग कर रहे हैं। आज भी गांव तक सामान ढोकर लाना पड़ता है। डिजिटल इंडिया गांव के लिए मात्र नारा बनकर रह गया है। आखिर सरकार कब गांव की समस्याओं की सुध लेगी। - कमल गढ़िया ग्रामीण युवा
स्वरोजगार के लिए कई तरह की योजनाएं चलाने की बात की जा रही है, क्या बिना सुविधाओं के गांव में रोजगार किया जा सकता है। बिना सुविधाओं के योजनाओं की बात करना मजाक के सिवा कुछ नहीं है। शासन-प्रशासन की उपेक्षा से पोथिंग गांव केवल वोट बटोरने का माध्यम रह गया है। - महेश गढ़िया ग्रामीण युवा
संचार क्रांति के इस दौर में बिना मोबाइल के जीवन की कल्पना करना बेमानी सी लगती है लेकिन गांव के कई लोगों के लिए मोबाइल पर बात करना अब भी एक सपना ही है। अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी गांव में यही हाल है। ऐसे में सरकार के विकास के दावे करना सरासर बेमानी है। - हीरा सिंह ग्रामीण युवा
पोथिंग गांव के मोटर मार्ग की मरम्मत के लिए संबंधित विभाग को निर्देशित किया जाएगा। क्षेत्र में संचार की सुविधा का निदान प्राथमिकता से किया जा रहा है। जिओ के कुछ टावर शुरू हो गए हैं। जल्द ही गांव को भी संचार सुविधा से जोड़ दिया जाएगा। - बलवंत सिंह भौर्याल, विधायक
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