बागेश्वर। जिले के सरकारी इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है। शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम परीक्षाओं तक पूरा नहीं हो पाएगा।
जिले के इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के 534 पदों के सापेक्ष 340 खाली हैं। इनमें 182 की जिम्मेदारी अतिथि शिक्षक उठा रहे हैं। 158 पदों पर न प्रवक्ता तैनात हैं न अतिथि शिक्षक।
जिले के 61 इंटर कॉलेजों में प्रवक्ताओं के 534 पद सृजित हैं। जिसमें से महज 194 पदों पर स्थायी प्रवक्ता तैनात हैं। प्रवक्ताओं की कमी से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का पठन-पाठन प्रभावित हो रहा है।
कई विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से विद्यार्थी सरकारी स्कूलों से विमुख हो रहे हैं। इससे सरकारी स्कूलों की छात्रसंख्या में लगातार गिरावट आ रही है।
प्रवक्ताओं की कमी से इंटरमीडिएट के विद्यार्थियों को परीक्षाओं तक पाठ्यक्रम पूरा करने में भी दिक्कतें आ रही हैं। विज्ञान और कला वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई सहायक अध्यापकों के भरोसे संचालित की जाती है।
प्रयोगात्मक विषयों में प्रवक्ता नहीं होने से स्कूलों में प्रयोगशालाओं का भी संचालन नहीं हो पा रहा है। जिले में साल 2020 के बाद प्रवक्ताओं की भर्ती के बाद जिले में नए प्रवक्ताओं की तैनाती नहीं हो पाई है।