बागेश्वर। करीब 50 हजार आबादी वाले बागेश्वर को आज तक सीवरेज की सुविधा नहीं मिल पाई। पिछले 15 वर्षों से हर चुनाव में सीवरेज योजना राजनीतिक दलों के नेताओं की जुबान पर होती है लेकिन चुनाव निकलते ही सीवरेज योजना बनाने का मामला हाशिये पर चला जाता है।
सरयू और गोमती के तट पर बसे बागेश्वर नगर में सीवरेज योजना बनाने की मांग कई दशकों से उठ रही है। सीवरेज योजना न होने से लोगों को घरों पर सीवर पिट बनाने पड़ते हैं। इससे न केवल भूजल दूषित हो रहा है बल्कि कहीं न कहीं नदियों का जल भी दूषित हो रहा है। बरसात में लोग सीवर के पिट खोल देते हैं। सीवर की गंदगी नगर की निकास नालियों में बहती है।
वर्ष 2007 के विधानसभा चुनाव से बागेश्वर में सीवर लाइन निर्माण के मुद्दे पर वोट मांगे जाते रहे हैं। हर चुनाव में सीवर लाइन प्रमुख मुद्दा होता है। वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सीवरेज योजना बनाने की घोषणा की। बावजूद इसके सीवरेज योजना धरातल पर नहीं उतरी। हाल में जिला प्रशासन ने पालिका को सीवरेज सिस्टम के लिए भूमि आवंटित की है लेकिन सीवरेज सिस्टम के लिए और जमीन की आवश्यकता है।
जमीन खरीदने के लिए पेयजल निगम ने 1.19 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है लेकिन जमीन खरीदने के लिए बजट नहीं मिला है। जमीन के लिए बजट मिलने के बाद सीवरेज योजना के लिए करीब 6.5 करोड़ रुपये की आवश्यकता होगी।
सीवरेज योजना के लिए और जमीन की आवश्यकता है। जमीन खरीदने के लिए 1.19 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। नगर में 62 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है। जमीन के लिए धन मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
सीपीएस गंगवार ईई पेयजल निगम बागेश्वर
सीवरेज योजना के लिए जमीन खरीदने के लिए शीघ्र ही धन अवमुक्त हो जाएगा। सीवरेज योजना के निर्माण के लिए साढ़े छह करोड़ रुपये की जरूरत है। जमीन की खरीद के बाद यह रकम भी अवमुक्त करा ली जाएगी।
चंदन राम दास विधायक बागेश्वर