बागेश्वर में बागनाथ वार्ड का निरीक्षण कर लोगों को समझाते पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल।
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नगर पालिका ने बागनाथ मंदिर के समीप घरों का सीवर सरयू में डाल रहे दो परिवारों को नील के घोल के सहारे चिह्नित कर उनका चालान किया है। इसके अलावा उन्हें पालिका की ओर से जांच के लिए तोड़ गई नाली की भी भरपाई करनी होगी।
कुछ महीनों से घरों से निकलने वाला सीवर सरयू नदी में गिर रहा था। शिकायत के बाद जांच करने पर भी पालिका को पता नहीं चला कि सीवर कहां से सरयू में जा रहा है। इस पर पालिका ने अपनी नाली भी खोदी लेकिन सीवर नदी में गिरना बंद नहीं हुआ। बुधवार को पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल, ईओ राजदेव जायसी, सभासद धीरेंद्र परिहार व कैलाश आर्य ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।
शक के आधार पर दो घरों के टायलेट में नील का घोल डालकर देखा। निरीक्षण में पता चला कि सरयू में सीवर का गंदा पानी पालिका की नाली से नहीं बल्कि तल्ली बाजार निवासी शंकर साह और रमा साह के घर से जा रहा है। दोनों परिवारों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पांच-पांच हजार रुपयों का चालान किया गया है। इसके अलावा नाली तोड़ने में आए खर्च का भुगतान भी दोनों परिवारों को करना होगा, जोकि लगभग 40 से 50 हजार होगा।
अन्य घरों का सीवर भी जा रहा है नदी में
बागेश्वर नगर के कई घरों का सीवर अब भी सीधे सरयू और गोमती नदियों में जा रहा है। पालिका ने अब इन परिवारों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का संकेत दिए हैं। पालिका ईओ ने बताया कि इसी तरह सभी घरों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।