बागेश्वर। जिले में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। विभाग शत प्रतिशत संस्थागत प्रसव कराने के लिए मुहिम चलाने जा रहा है। जिले के उन क्षेत्रों को चिह्नित किया गया है जहां अब भी घरों में प्रसव की प्रवृत्ति अधिक है।
इन स्थानों में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विभाग इंटर पर्सनल कम्युनिकेशन आधारित जागरूकता अभियान संचालित करेगा।
सीएमओ कार्यालय के अनुसार आईईसी और बीसीसी फैसिलेटर चिह्नित क्षेत्रों के ग्राम प्रधानों, ग्राम पंचायतों और पंचायती राज संस्थाओं के साथ बैठकें करेंगे। इनका मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को अस्पताल में प्रसव कराने के लाभों और जटिलताओं के समय मिलने वाली त्वरित चिकित्सा सुविधा के प्रति जागरूक करना है।
विभाग का मानना है कि परिवार के निर्णय लेने वाले सदस्यों के व्यवहार में परिवर्तन लाकर ही संस्थागत प्रसव के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। इस दौरान प्रसव पूर्व जन्म योजना बनाने, वाहन की व्यवस्था और सरकारी योजनाओं जैसे जननी सुरक्षा योजना और ईजा बोई के लाभों की जानकारी भी दी जाएगी। सभी बीसीसी फैसिलेटर्स को अपनी दैनिक गतिविधियों की रिपोर्ट निर्धारित प्रारूप में राज्य स्तर पर भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
.......कोट
मातृ और शिशु का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिले के जिन क्षेत्रों में अभी भी घर पर प्रसव की सूचनाएं मिलती हैं वहां हमारी टीमें व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर परिवारों को जागरूक करेंगी। हमारा लक्ष्य शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी आपात स्थिति में जच्चा-बच्चा को सुरक्षित उपचार मिल सके।
.....डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर