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अस्पताल में सुविधाएं कम, मरीजों की संख्या ज्यादा

Sun, 22 Apr 2018 10:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर।
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जिला अस्पताल में मरीजों का परीक्षण करते चिकित्सक। - फोटो : amar ujala
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बागेश्वर जिला स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में बेहद पिछड़ा है। जहां एक ओर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है उस लिहाज से सरकारी अस्पतालों में सुविधा मौजूद नहीं हैं। एकमात्र जिला अस्पताल तक चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। हालात यह हैं कि जिला अस्पताल तक महज रेफरल सेंटर बन कर रह गया है। 

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लगभग 2.62 लाख की आबादी वाले बागेश्वर जिले मेें 37 अस्पताल हैं लेकिन अधिकांश अस्पतालों में चिकित्सक नहीं हैं। यहां तक कि जिला अस्पताल तक विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। जिला अस्पताल में स्थायी रोग विशेषज्ञ, यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, साइकियाट्रिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट जैसे पद खाली पड़े हैं।


ट्रामा सेंटर में न उपकरण न विशेषज्ञ डॉक्टर  

स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर बागेश्वर में ट्रामा सेंटर तो खोल दिया गया, लेकिन यहां पर न तो उपकरण हैं और न ही विशेषज्ञ। ट्रामा सेंटर में सीटी स्कैन, सीआर्म मशीन, अल्ट्रासाउंड, ईसीजी सहित तमाम मशीनों और उपकरणों की जरूरत होती है। जबकि यहां के ट्रामा सेंटर में केवल पुरानी एक्सरे मशीन रखी गई है।
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सर्जन, आर्थोपेडिक सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट, निश्चेतक के पदों के विपरीत एक हड्डी रोग विशेषज्ञ तक नहीं है। अल्मोड़ा या रानीखेत से आर्थोपेडिक सर्जन को बुुलाना पड़ रहा है। कोई व्यवस्था नहीं होने से पैर या हाथ की हड्डी टूटने, दुर्घटना में सिर में चोट लगने पर यहां आने वाले मरीजों को रेफर करना पड़ता है।  

रविवार को इमरजेंसी में पहुंचे 55 मरीज 

बदलते मौसम और गर्मी का सीजन शुरू होते ही मरीजों की संख्या भी बढ़ने लगी है। रविवार को जिला अस्पताल में बुखार और पेट की समस्या से संबंधित 55 मरीज पहुंचे। सार्वजनिक अवकाश के कारण रविवार को जिला अस्पताल में ओपीडी सेवा बंद रहती है। केवल आपातकालीन कक्ष में मरीजों को देखा जाता है।

ऐसे में जहां सामान्य दिनों में तीन सौ से चार सौ तक मरीज पहुंचते हैं वहीं रविवार को केवल दुर्घटना वाले मामले ही आपातकालीन विभाग में आते हैं लेकिन इस रविवार सुबह आठ बजे से ही मरीजों के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया था। आपातकालीन कक्ष में ड्यूटी में तैनात डॉ. विकास वर्मा ने मरीजों की जांच की। अधिकांश मरीज बुखार और डायरिया से पीड़ित मिले। डॉ. वर्मा ने मरीजों को दवाओं के साथ ही बासी और तला भुना भोजन न करने, पानी उबालकर पीने की सलाह दी।  


डायरिया के चार मरीज पहुंचे, बच्चा रेफर 

बदलते मौसम में उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई है। रविवार को उल्टी-दस्त से पीड़ित चार मरीज जिला अस्पताल पहुंचे। इनमें से पांच साल के एक बच्चे को हायर सेंटर रेफर कर दिया है। रविवार को डायरिया पीड़ित प्रियांशु (5), मिलेंद्र (28), प्रताप सिंह (65) और पंकज (18) जिला अस्पताल पहुंचे।

चिकित्सकों ने प्रियांशु को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर ले जाने की सलाह दी जबकि अन्य मरीजों का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। डायरिया से पीड़ित मरीजों ने बताया कि उन्हें शादी की पार्टी में खाना खाने के बाद यह समस्या शुरू हुई। डॉ. विकास वर्मा ने पार्टियों के खाने से परहेज करने की सलाह दी है। 

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