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गरुड़ के नगर पालिका बनने से जगी सुनियोजित विकास की उम्मीद

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गरुड़ कस्बा। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BAGESHWAR
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पालिका बनने से जगी सुनियोजित विकास की उम्मीद
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खुशी के साथ विरोध के स्वर भी हुए मुखर
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। कैबिनेट बैठक में गरुड़ को नगर पालिका बनाए जाने के प्रस्ताव पर मोहर लगने से गरुड़वासियों में खुशी की लहर है। लोगों को उम्मीद है कि नगर पालिका बनने से बाजार क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का निदान होगा। सुनियोजित विकास के दरवाजे भी खुलेंगे। हालांकि कुछ विरोध के स्वर भी इसके खिलाफ मुखर होने लगे हैं।
गरुड़ को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग को लेकर वर्ष 2017 में गरुड़-बैजनाथ नगर पंचायत बनाओ संघर्ष समिति का गठन हुआ था। समिति के संरक्षक अधिवक्ता डीके जोशी और अध्यक्ष पूर्व व्यापार मंडल अध्यक्ष स्व. कैलाश बोरा के नेतृत्व में 15 जनवरी 2018 से गांधी चबूतरे में नौ दिन तक धरना-प्रदर्शन किया गया। विधायक चंदन राम दास और भाजपा के वर्तमान जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट ने मौके पर जाकर दिसंबर 2018 तक नगर पंचायत के गठन का लिखित आश्वासन देकर आंदोलन को स्थगित कराया।
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एक वर्ष के इंतजार के बाद भी नगर पंचायत को लेकर सुनवाई नहीं होने पर 15 जनवरी 2019 से फिर से संघर्ष समिति ने गांधी आंदोलन शुरू कर दिया था। विधायक दास और भाजपा जिलाध्यक्ष बिष्ट ने फिर आश्वासन देकर आंदोलन स्थगित करवाया था। 27 जनवरी 2019 को गरुड़ दौरे पर आए मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गरुड़ को निकाय का दर्जा देने की घोषणा की। इधर, समिति लगातार अपनी मांग को लेकर मुखर रही। बीते बुधवार को कैबिनैट में गरुड़ को नगर पालिका बनाने का फैसला लिया गया तो समिति ने फैसले का स्वागत किया है। उम्मीद जताई कि जल्द ही गरुड़ को नगर पालिका बनाने का शासनादेश जल्द जारी कर दिया जाएगा।
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समस्याओं से मिलेगी निजात
बागेश्वर। गरुड़-बैजनाथ नगर पंचायत बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक डीके जोशी ने कहा कि नगर पालिका के गठन का मुख्य उद्देश्य बाजार क्षेत्र को मूलभूत सुविधाओं से जोड़ना था। नगर पालिका बनने के बाद बाजार में कूड़ा निस्तारण, शौचालयों के निर्माण, पेयजल संकट, यातयात नियंत्रण, पार्किंग का निर्माण, नालियों की सफाई और मरम्मत आदि समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी।
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नगर पालिका का विरोध जारी रहेगा
बागेश्वर। क्षेत्र के कई ग्राम पंचायतों के मुखिया नगर पालिका बनाने का पुरजोर विरोध करते आए हैं। कैबिनेट का फैसला आने के बाद फिर से गांवों को नगर पालिका में शामिल करने का विरोध शुरू हो गया है। ग्राम प्रधान संगठन के पूर्व अध्यक्ष नवीन ममगाई ने कहा कि नगर पंचायत बनने के बाद लोगों को कई तरह के शुल्क देने पड़ेंगे। विकास के नाम पर गांवों की नाप और कृषि भूमि बर्बाद हो जाएगी। गरुड़ प्रमुख कृषि वाला क्षेत्र है, जिसे ग्राम पंचायत में ही बने रहने देना चाहिए था। उन्होंने नगर पालिका गठन के विरोध में आंदोलन करने और जरूरत पड़ने पर न्यायालय वाद दायर करने एलान किया है।
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कैबिनेट ने गरुड़ बाजार सहित आसपास के पांच ग्राम पंचायतों को मिलाकर नगर पालिका को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की मोहर लगने के बाद निकाय गठन का रास्ता साफ हो गया है। शासनादेश जारी होते ही करीब साढ़े सात हजार की आबादी नगर पालिका में शामिल हो जाएगी। - चंदन राम दास, विधायक, बागेश्वर।
फोटो 18 बीजीएस 01 पी
कांग्रेस सरकार ने गरुड़ को नगर पालिका का दर्जा देने की दस साल पहले की थी। कांग्रेस सरकार ने जनता के साथ धोखा किया। भाजपा ने गरुड़ को नगर पालिका का दर्जा देने का जो वादा किया था वह पूर्ण कर लिया है।
- शिव सिंह बिष्ट भाजपा जिलाध्यक्ष
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वर्षों के इंतजार के बाद पूरी हुई मुराद
गरुड़(बागेश्वर)। गरुड़ को नगर पालिका का दर्जा देने के सरकार के निर्णय का गरुड़ नगर से जुड़े लोगों ने खुशी जाहिर की है। नगर के लोगों को उम्मीद है कि अब गरुड़ बाजार के कूड़ा निस्तारण की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा।
कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने गरुड़ को नगर पंचायत का दर्जा देने की घोषणा की थी। कांग्रेस सरकार की घोषणा धरातल पर नहीं दिखी, जबकि गरुड़ से छोटे कस्बों को कांग्रेस सरकार ने नगर पंचायत का दर्जा दे दिया था। गरुड़ नगर पंचायत बनाओं संघर्ष समिति ने भी दो बार आंदोलन किया था। दोनों ही बार विधायक ने शीघ्र पालिका बनाने का आश्वासन देकर आंदोलन खत्म करा दिया था। सीएम ने पुरुड़ा के खेल मैदान में जब पालिका का दर्जा देने की घोषणा की तो स्थानीय लोगों को लगने लगा था कि मांग जल्द पूरी हो जाएगी। गरुड़ को नगर पालिका का दर्जा देने की जानकारी मिलने पर स्थानीय जनता ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, विधायक चंदन राम दास, भाजपा के जिलाध्यक्ष शिव सिंह बिष्ट का आभार जताया है।
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गरुड़ को नगर निकाय का बनाने का निर्णय स्वागत योग्य है। नगर पंचायत बनाओ संघर्ष सफल रहा।
- डीके जोशी अधिवक्ता गरुड़ नगर पंचायत बनाओ संघर्ष
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पालिका में ये ग्राम पंचायत हो सकती हैं शामिल
गरुड़ नगर पालिका में भकुनखोला,स्याल्दे टीट, फुलवारीगूंठ, नौघर, पाये, सिल्ली, गढसेर ग्राम पंचायत शामिल हो सकती है।
एनएच घोषित होने से ग्वालदम-बैजनाथ सड़क की सुधर जाएगी सेहत
बागेश्वर। शासन ने गढ़वाल के सिमली से ग्वालदम होते हुए बैजनाथ (गरुड़) के लिए बनी सड़क को एनएच में शामिल कर दिया है। वर्तमान में सड़क की दशा काफी खराब है। सड़क गड्ढों से पटी है। सड़क के एनएच में शामिल होने से सड़क की दशा सुधरने की उम्मीद जाग गई है। यह सड़क गढ़वाल को बागेश्वर क्षेत्र से जोड़ती है। सड़क की दशा सुधारने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
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सांसद अजय टम्टा का कहना है कि उन्होंने हाल में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के सामने उठाया था। इस महत्वपूर्ण राज्य राजमार्ग के राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित होने से लोगों को लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया है कि सिमली-ग्वालदम-बैजनाथ सड़क को बागेश्वर होते हुए मुनस्यारी-जौलजीबी भारत माला परियोजना से जोड़ा जाएगा। यह सड़क डबल लेन बनेगी। भारत माला परियोजना के तहत स्वीकृत सड़कों के निर्माण पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। कहा कि भारतमाला परियोजना में स्वीकृत सड़कों का काम जल्द शुरू होगा। सांसद ने सिमली-ग्वालदम-बैजनाथ सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने के
लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया है।
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