बागेश्वर। जिले में खड़िया खनन पर लगी रोक हटाने के आदेश पर जिले में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। खनन कारोबार से जुड़े लोगों के साथ-साथ इससे आजीविका कमाने वालों इस फैसले को संजीवनी मान रहे हैं।
खनन का विरोध करने वाले इस फैसले से निराश दिख रहे हैं। फैसले के विरोध में कोर्ट जाने का मन भी लोग बना रहे हैं।
खड़िया खनन जिले का सबसे अधिक राजस्व देने वालों में एक रहा है। विगत साल जनवरी में हाईकोर्ट ने पूरे जिले में खनन गतिविधियों पर रोक लगा दी थी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद खनन के फिर शुरू होने की उम्मीद है। खान विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 168 खड़िया खान स्वीकृत हैं।
कोर्ट के खनन पर रोक लगाने के आदेश के समय 50 खानों का संचालन हो रहा था। खनन कारोबार से 10 हजार से अधिक लोग प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से जुड़े हैं। इनमें खान मालिक, प्रबंधक, मुंशी, श्रमिक, लोडर मशीन, ट्रक एवं डंपर, स्थानीय व्यापारी आदि शामिल हैं। जानकारी के अनुसार वित्तीय वर्ष 2023-24 में खनन से 27.04 करोड़ और वर्ष 2022-23 में 30.99 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।