बागेश्वर। बाबा बागनाथ धाम में सामूहिक होली की महफिल सजी। कई गांवों से आई होल्यारों की टोली ने खड़ी होली गायन का भगवान शिव की स्तुति की। ढोलक और मंजीरों की थाप पर होल्यारों ने अनूठे लय और ताल के साथ होली गायन कर समा बांधा।
बृहस्पतिवार को बागनाथ मंदिर में करीब एक बजे से होल्यारों का जुटना शुरू हुआ। इससे पूर्व सभी क्षेत्रों से आई होल्यारों की टोली चौक बाजार में एकत्र हुई। जहां से ढोलक-मंजीरे की धुन पर नाचते-गाते होल्यार बागनाथ मंदिर को रवाना हुए। आरे क्षेत्र से आने वाली होली सबसे पहले बाबा के दर पर पहुंची। इसके बाद अन्य टोलियों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। मनकोट, द्यांगण, खोली, बहुली, अमतोड़ा, स्यूनी, मजबे, चामी, क्वैराली, सात, रतबे, जौलकांडे, भयेड़ी, बिलौना सहित तमाम गांवों के होल्यार बारी-बारी से मंदिर में एकत्र हुए। होल्यारों ने भगवान शिव को अबीर और गुलाल अर्पित किया।
होल्यारों ने हां जी शंभो तुम क्यों न खेले होरी लला..., शिव के मन माही बसे काशी..., मथुरा के ठाकुर हो हो... आदि होली गीतों का गायन किया। करीब तीन घंटे तक मंदिर में होली गायन का सिलसिला चला।
परंपरा है कायम लेकिन पहले जैसा रंग नहीं
बागेश्वर। नगर के वरिष्ठ व्यापारी हीरा सिंह भरड़ा ने कहा कि उन्होंने बागनाथ मंदिर की होली को करीब से देखा है। उनका कहना है कि होली में अब पहले जैसा रंग नहीं रहा। पहले की होली में बुजुर्ग और युवा बराबर भागीदारी करते थे। हुड़दंग के डर से अब बुजुर्ग इस त्योहार से किनारा करने लगे हैं। होली के उल्लास में नशे का रंग चढ़ने से इस त्योहार की गरिमा पर असर पड़ रहा है।
होरी खेल रहे नंदलाल, मथुरा की गली-गली में...
नगर से लेकर होली का उल्लास, महिलाएं होली गायन, नृत्य और स्वांग रचाकर मना रहीं त्योहार
संवाद न्यूज एजेंसी
बागेश्वर। नगर के सभी वार्डों और मोहल्लों में महिला होल्यारों की टोली दोपहर से लेकर शाम तक घर-घर जाकर होली गायन कर रही हैं। इस दौरान भक्ति रस, शृंगार रस से भरपूर होली गीतों के साथ नृत्य और स्वांग भी रचाए जा रहे हैं। महिला होल्यार होरी खेल रहे नंदलाल मथुरा की गली-गली में.., नदी यमुना के तीर कदंब चढ़ी कान्हा बजाय गयो बांसुरिया.., मेरो री मनहोहना रे.., आज मोहे लागो वृंदावन नीको.. सहित तमाम होली गीतों का गायन कर रही हैं। सैम मंदिर वार्ड, ज्वालादेवी वार्ड, बागनाथ वार्ड, वेणीमाधव वार्ड, मंडलसेर, बिलौना सहित पूरे नगर में मोहल्लों के अनुसार महिलाओं ने होली की टोलियां बनाई हैं।
कांडा के फेणीनाग मंदिर में हुई होली
कांडा/कपकोट/बागेश्वर। कांडा क्षेत्र के पोखरी, खंतोली, विजयपुर, ढपटी सहित क्षेत्र के विभिन्न गांवों के होल्यारों ने मंदिर में होली गाई। दुग नाकुरी क्षेत्र के पचार, जुनायल, रीमा किड़ई, स्यांकोट सहित तमाम गांवों में भी पुरुषों की खड़ी होली गायन चला। पोथिंग, ऐठाण, बमसेरा समेत कुछ गांवों में पूरे उल्लास के साथ होली गायन किया जा रहा है। काफलीगैर तहसील के खरही मंडल, धूराफाट और रीठागाड़, देवलधार क्षेत्र के करीब सभी गांवों में खड़ी होली गायन चरम पर है।
होली पर जमकर बिकी गुझिया और मिठाई
बागेश्वर। नगर में गुझिया और मिठाई की जमकर बिक्री हुई। कई दुकानों में दोपहर होने से पूर्व ही गुझिया खत्म हो गई थी। कारोबारी विजय सिंह परिहार, भरत सिंह टंगड़िया आदि ने बताया कि बाजार में 280 से 300 तक सामान्य और 500 से 600 रुपये प्रति किलो तक ड्राई फ्रूट मिक्स गुझिया मौजूद हैं। इस बार उम्मीद के मुताबिक लोगों ने खरीदारी की है। संवाद
कोट भ्रामरी मंदिर में ध्वजाओं के साथ किया होली गायन
गरुड़ (बागेश्वर)। कोट भ्रामरी मंदिर में होली की चतुर्दशी के दिन बाजे गाजो और ध्वजाओं के साथ होली गायन किया। पाये, कज्यूली आगर मटे, पुरुड़ा, तिलसारी, चनोली,कोलाग, नरग्वाड़ी ,जिनखोला, बंड, रामपुर, लौबाज, रतमटिया, भेटा, मटेना, जिनखोला, चनोली आदि गांवों के लोग होली गाते कोट मंदिर पहुंचे। उन्होंने बारी-बारी से मंदिर में होली गायन किया। इससे पूर्व बैजनाथ धाम में विभिन्न गांवों के होल्यारों ने होली गायन किया। संवाद
बागेश्वर के चौक बाजार में गुझिया की खरीदारी करते लोग। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR