रविवार को रंग पड़ते ही विभिन्न स्थानों में होली का गायन शुरू हो गया है जो कि छलड़ी तक चलेगा। बागनाथ मंदिर सहित अन्य मंदिरों में चीर बंधन के बाद होली गायन किया गया। जिले के विभिन्न गांवों में होली गायन की धूम है।
रविवार की सुबह होल्यारों ने रंग डाला। बागनाथ मंदिर में पंडित हेम चंद्र जोशी ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ चीर बंधन किया। बाद में होल्यारों ने होली गायन किया। इस मौके पर मंदिर के पुजारी भरत सिंह रावल, नंदन सिंह रावल, खीमानंद पंत, महिपाल सिंह भरड़ा आदि थे। मंदिर में अबीर गुलाल चढ़ाने के उपरांत एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाया।
इस मौके पर सिद्धी को दाता विघन विनाशन, कैले बांधी चीर हो रघुनंदन राजा आदि होलियों का गायन किया। बागनाथ मंदिर में हिंदू जागरण मंच ने भी होली गायन किया। वहां भगवान कार्की, हरीश सोनी, धीरेंद्र परिहार, रोहित पंत, युवराज पांडे, गौरव राणा, हिमांशु, अंकित नगरकोटी आदि थे।
इधर हनुमान मंदिर सैंज में पालिका सभासद निर्मला दफौटी, चंद्रा पांडे, शोभा मिश्रा, गीता नगरकोटी, प्रभा लोहनी, उमा, जानकी देवी, रीता देवी, सीता देवी आदि की मौजूदगी में होली गायन किया गया। महिलाओं ने सजना घर आए कौन दिना... सहित मत मारो मोहना मैंकू पिचकारी... आदि होली गीत गाये। इधर प्रकटेश्वर मंदिर में भी महिलाओं ने होली गायन किया। बड़ी संख्या में महिलाओं ने सुन बालम सुध हौं न रही.. और मेरो रंगीलो देवर घर ऐ रौ छौ... आदि होलियों का गायन किया गया।