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अंग्रेजों के जमाने का ऐतिहासिक झूला पुल खतरे में 

Thu, 14 Apr 2016 01:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
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बागेश्वर का झूला पुल - फोटो : अमर उजाला
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बागेश्वर। अंग्रेजों के जमाने में सरयू नदी में बनाया गया ऐतिहासिक झूला पुल खतरे में है। 103 साल पुराने इस झूला पुल का एक गार्डर गल चुका है। यदि समय रहते इस पुल का सुधार नहीं किया गया तो दबाव बढ़ने पर कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। वर्ष 1913 में ब्रिटिश हुकूमत द्वारा सरयू नदी में बनाया गया यह झूला पुल का ऐतिहासिक महत्व रहा है। यह ऐसा पुल है जिसने सरयू वार और सरयू पार बसे बागेश्वर को ही नहीं बल्कि कुमाऊं और गढ़वाल को भी आपस में जोड़ा। 1962 में मोटर पुल बनने तक यही पुल उफनाती सरयू नदी के ऊपर से सुरक्षित आवाजाही का साधन था।
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इतना ही नहीं कुमाऊं-गढ़वाल के बीच व्यापार भी इसी पुल से होता था। इस पुल का महत्व बरकरार है। यहां की जनता इसी पुल से आवागमन करती है, लेकिन 103 सौ साल पहले बना यह पुल अब जर्जर हो गया है। पुल का एक गार्डर जंक लगने से गल चुका है। बीच पुल में गार्डर के गलने से इस ऐतिहासिक पुल को खतरा पैदा हो गया है। इस पुल के रखरखाव का जिम्मा बागेश्वर नगरपालिका के पास है। पालिका ने पांच साल पहले पुल के फर्श में लोहे की चादरें तो बिछाई, लेकिन गार्डर बदलने के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। ऐसे में यदि पुल पर दबाव पड़ा तो कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है। 
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