बागेश्वर के जिला अस्पताल में कूल्हा प्रत्यारोपण करते डॉक्टर। संवाद न्यूज एजेंसी
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बागेश्वर। सीमित संसाधन और स्टाफ की कमी के बावजूद जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने पहली बार कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण कर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजा शंकर जोशी और उनकी टीम की इस सफलता ने भविष्य के लिए भी उम्मीदों के द्वार खोल दिए हैं। डॉक्टरों की इस इस उपलब्धि के बाद कूल्हा बदलवाने वाले मरीजों को अब हल्द्वानी, दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
जिला अस्पताल में आर्थराइटिस बीमारी से ग्रसित बागेश्वर की 62 वर्षीय महिला मोहनी देवी इलाज के लिए आई थी। उनके दोनों कूल्हों में परेशानी थी। शनिवार को अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजा शंकर जोशी, निश्चेतक डॉ. विकास वर्मा और स्टाफ ने ऑपरेशन के बाद उनके बाएं कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण किया। डॉ. जोशी ने बताया कि महिला के दोनों पैरों में आर्थराइटिस की समस्या है। फिलहाल उसके बाएं पैर का ऑपरेशन कर गोला और कटोरी को बदला गया है, जिसमें 60 से 65 हजार रुपये के बीच ही खर्च आया है। जिले में ही उपचार मिलने से महिला के बाहर जाने, रहने और महंगे इलाज का खर्चा बच गया। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में भी जिला अस्पताल में कूल्हा प्रत्यारोपण के ऑपरेशन होते रहेंगे।
जटिल और खर्चीला है कूल्हा प्रत्यारोपण
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. गिरिजा शंकर जोशी ने बताया कि कूल्हा प्रत्यारोपण काफी जटिल और काफी खर्चीला ऑपरेशन है। इसके लिए डेढ़ लाख रुपये से अधिक का खर्च आता है। जिले में यह सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को रेफर करना पड़ता था। मरीजों की परेशानी को देखते हुए उन्होंने जिला अस्पताल में ही कूल्हा प्रत्यारोपण करने की ठानी और सीमित संसाधनों के बावजूद इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को पूरा कर दिखाया।
पूर्व में भी किया था प्रयास
अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. जोशी ने पूर्व में जिला अस्पताल में कूल्हा प्रत्यारोपण कराया था। हालांकि उस समय अर्द्ध कूल्हा प्रत्यारोपण ही किया गया था। बताया कि उस समय केवल गोली बदली गई थी। इस ऑपरेशन में गोला और कटोरी दोनों को बदला गया है।
जिला अस्पताल के अस्थि रोग विशेषज्ञ और उनकी टीम ने बेहतरीन कार्य किया है। जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए यह बेहतरीन उपलब्धि है। इस तरह के जटिल ऑपरेशन के लिए हरसंभव संसाधन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। - डॉ. बीडी जोशी, सीएमओ, बागेश्वर