अखिल भारतीय साहित्य उत्तराखंड प्रांत परिषद के संरक्षक गौरांग रघु महाराज ने कहा कि राज्य के पहाड़ी जिलों में कुछ लोग अपना धर्म का छोड़कर दूसरों के धर्म को अपना रहे हैं जो गंभीर चिंता की बात है। विधर्मी धर्मांतरण को लेकर बड़ी साजिश कर रहा है।
धर्मांतरण को रोक ने के लिए संगठन गांव-गांव में काम कर रहा है। युवाओं में बढ़ती नशे की लत बेहद चिंता की बात है। इसे रोकने के लिए दूसरे संगठनों से मिलकर काम किया जाएगा। धर्मांतरण, माघ महीने के महत्व के बारे में बताया जा रहा है।
बसंत पंचमी के दिन सरयू के तट पर काव्य गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुराणों के अनुसार सरयू-गोमती के संगम पर बसे इस नगर का महत्व प्रयागराज काशी के समान माना गया है। इसे साफ, स्वच्छ रखना हर व्यक्ति का दायित्व है। वहां मनीष पांडे, कुंदन लटवाल आदि थे।