बागेश्वर। जिले के कई स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गैराड़ को व्यवस्था पर तैनात किए गए एकमात्र शिक्षक के हवाले किया गया। ऐसे में सवाल यह है कि हाईस्कूल के 11 छात्र-छात्राएं बिना पढ़ाई के अगले वर्ष बोर्ड परीक्षा में कैसे शामिल होंगे।
जिला मुख्यालय से 16 किमी की दूरी पर स्थित गैराड़ हाईस्कूल में 60 बच्चे पढ़ते हैं। पिछले साल उच्चीकृत किए गए हाईस्कूल में 11 छात्र-छात्राओं ने 10वीं कक्षा में प्रवेश कर लिया है, लेकिन एकमात्र शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हाईस्कूल की पांच कक्षाओं का संचालन कैसे हो यह समस्या गंभीर होती जा रही है।
छठी से 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई का जिम्मा व्यवस्था पर यहां भेजे गए एकमात्र कॉमर्स के शिक्षक राजेश कुमार तिवारी पर है। इन हालातों में कैसे पठन-पाठन होगा, इसने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। 10वीं कक्षा में प्रवेश ले चुके बच्चों को बोर्ड की परीक्षा देनी होगी, लेकिन बिना पढ़ाई के कैसे बच्चे परीक्षा में शामिल होंगे?
यह भी बड़ा सवाल है। बच्चों के भविष्य से चिंतित कई अभिभावक अपने बच्चों को इस स्कूल से निकालकर दूसरे स्कूलों में प्रवेश दिलाने का मन बना रहे हैं। प्रबंधन समिति के अध्यक्ष भगवत सिंह ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से शीघ्र मानकों के अनुसार शिक्षकों की नियुक्ति करने की मांग की। कहा है कि यदि हाईस्कूल में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो अभिभावक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।