बागेश्वर। जिले के मूलवासी नितिन कुमार टम्टा कोविड काल में जनसेवा से लखनऊवासियों के दिलों में खास जगह बना चुके हैं। कर्फ्यू के दौरान वह दोस्तों के साथ अस्पतालों में जाकर तीमारदारों के भोजन और पानी का प्रबंध कर रहे हैं। सोशल मीडिया से मरीजों के लिए ऑक्सीजन और अस्पताल में बेड की उपलब्धता की जानकारी भी दे रहे हैं।
मूल रूप से जिले के बेहरगांव निवासी नितिन का परिवार लखनऊ में रहता है। उनके पिता सचिवालय से सेवानिवृत्त हैं। एमबीए की पढ़ाई के बाद वह कंस्ट्रक्शन के कारोबार से जुड़ गए। पिछले वर्ष कोरोना काल में जब पूरे देश से मजदूरों का पलायन हो रहा था तो लोग भूखे-प्यासे मीलों पैदल चलकर घरों को लौट रहे थे।
ऐसे जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए नितिन ने अपने मित्रों सत्या और राहुल के साथ मिलकर अभियान चलाया। शुरुआत में तीनों मित्रों ने अपनी जेब से रुपये मिलाकर लखनऊ से आने, जाने वाले लोगों को केले और पानी बांटा।
बाद में जनसहयोग मिलने पर उन्होंने फल और पानी के साथ भोजन भी बांटा। इस वर्ष कोरोना की दूसरी लहर में फिर से सक्रिय तीनों मित्रों ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर ऑक्सीजन और अस्पताल में उपलब्ध बेड की जानकारी दी। अब भोजन भी बांटा जा रहा है।
425 से 450 लोगों की कर रहे सेवा
बागेश्वर। नितिन और उनके दोस्तों ने लखनऊ के एक हलवाई को भोजन बनाने के लिए नियुक्त किया है। तीनों मित्र तैयार भोजन रोजाना अस्पताल, मेडिकल कॉलेजों में बांटने जाते हैं। यह टीम सुबह और शाम 425 से अधिक लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही है। बाकी समय भोजन सामग्री के प्रबंध और सहयोग जुटाने में निकल जाता है।
यह समय सोचने और घबराकर घरों में बैठने का नहीं, बल्कि परेशान लोगों की मदद करने का है। सभी लोगों को कोरोना से लड़ाई लड़नी है। हमारी टीम पीड़ितों की मदद करने का छोटा सा प्रयास करती है। इसमें मिल रहा जनसहयोग हमारी मेहनत को सार्थक कर रहा है। -नितिन कुमार टम्टा, स्वयंसेवी।