कपकोट के ऊपरी इलाकों में रातभर मूसलाधार बारिश के कारण शुक्रवार सुबह सरयू नदी उफान पर आ गई और कई स्थानों पर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। भैंसखाल के पास नदी का पानी पुल के ऊपर बहने लगा, जिससे काफी देर तक आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
बागेश्वर जिले के क्षेत्र कपकोट के ऊपरी इलाकों में रातभर हुई मूसलाधार बारिश के कारण शुक्रवार सुबह सरयू नदी ने विकराल और रौद्र रूप धारण कर लिया। पानी के अचानक उफान पर आने से नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान के करीब पहुंच गई। भैंसखाल के पास सरयू नदी का पानी पुल के ऊपर तक आ जाने से काफी देर तक आवाजाही पूरी तरह ठप रही। कपकोट में आई इस जलप्रलय जैसी स्थिति का असर जिला मुख्यालय तक देखने को मिल रहा है।
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स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीएम अनिल चन्याल के निर्देश पर प्रशासन ने कपकोट नगर क्षेत्र में मुनादी पिटवाकर लोगों को सचेत किया। सरयू बगड़ और नदी किनारे बसे संवेदनशील इलाकों को एहतियातन पूरी तरह खाली करा दिया गया है। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने और जल स्रोतों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है। कपकोट से बहकर आ रहे विशाल जलराशि के कारण बागेश्वर नगर में भी सरयू का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर बागेश्वर स्थित प्रसिद्ध सरयू घाट को पूरी तरह खाली करा दिया है। जलस्तर कब तक सामान्य होगा, इसे लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। आपदा प्रबंधन और प्रशासन की टीमें नदी के हर बदलाव पर पैनी नजर रख रही हैं।
बारिश और भूस्खलन से कई मार्ग ठप्प, लाहुर के माडूंगरी में भी सड़क बंद
मूसलाधार बारिश के चलते कपकोट क्षेत्र का संपर्क कई हिस्सों से कट गया है। प्रसिद्ध टूटरिया टनल के समीप भारी मलबा आने से मुख्य मार्ग बाधित हो गया है। इसके अलावा मिकिला-खालपट्टा मोटर मार्ग पर ग्राम लाहुर के माडूंगरी तोक में भी पहाड़ी से चट्टान गिरने के कारण यातायात पूरी तरह ठप है। लगातार हो रही बारिश से अन्य ग्रामीण सड़कों पर भी भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। लोनिवि और आपदा प्रबंधन विभाग मशीनों के जरिए सड़कों को खोलने के प्रयास में जुटा है।