बागेश्वर। जिले में पिछले कुछ दिनों से जारी उमसभरी भीषण गर्मी और जंगलों में भड़की वनाग्नि से जूझ रहे जिलावासियों को कुदरत ने बड़ी राहत दी। शाम को एकाएक मौसम का मिजाज बदल गया और आसमान में काले बादलों की गड़गड़ाहट के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस झमाझम बारिश से जहां पिछले कई दिनों से सुलग रहे जंगलों की आग पूरी तरह शांत हो गई, वहीं वातावरण में आई ठंडक से लोगों को उमसभरी तपिश से बड़ी राहत मिली है।
जिले में हुई बारिश को काश्तकारों ने खेती-किसानी के लिए लाभदायक बताया है। स्थानीय किसानों का कहना है कि धान की रोपाई के लिए उन्होंने जो नर्सरी तैयार की थी, वह भीषण गर्मी और पानी की कमी के चलते सूखने के कगार पर पहुंच गई थी। इस बारिश ने सूखती हुई नर्सरी में एक तरह से नई जान फूंकने का काम किया है। जिले के दुग-नाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। इस तेज बारिश के चलते दुग-नाकुरी क्षेत्र में विद्युत वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। क्षेत्र में करीब चार घंटे तक बिजली की आपूर्ति ठप रही, उमस और घुप अंधेरे के बीच बिजली न होने से स्थानीय उपभोक्ताओं को खासी दिक्कतों और परेशानियों का सामना करना पड़ा। संवाद