बागेश्वर/कांडा। शुक्रवार को हुई ओलावृष्टि से जौलकांडे और कांडा क्षेत्र में फल और सब्जी को भारी नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के अनुसार फिलहाल गेहूं की फसल को नुकसान नहीं हुआ है। जिले में दलहनी फसलें कट चुकी हैं।
शुक्रवार की शाम को जौलकांडे, शीशाखानी, बोरगांव और लेटी के साथ ही कांडा क्षेत्र में जबरदस्त ओलावृष्टि हुई थी। ओलावृष्टि से आड़ू, खुमानी, पुलम आदि फलों के पेड़ों पर लगे फूल झड़ गए हैं। इससे फलों के उत्पादन पर असर पड़ेगा। मार्च की शुरुआत में उच्च हिमालयी क्षेत्र से सटे इलाकों में ओलावृष्टि हुई थी। बिचला दानपुर के शामा, लीती और रातिर के साथ ही मल्ला दानपुर के कर्मी और कांडा क्षेत्र में भी मार्च की शुरूआत में ओलावृष्टि हुई थी।
मुख्य कृषि अधिकारी एसएस वर्मा ने बताया कि दलहन की फसल कट चुकी है। गेहूं की फसल को ओलावृष्टि से फिलहाल कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। जिला उद्यान अधिकारी आरके सिंह के अनुसार ओलावृष्टि से कहीं-कहीं सब्जी के पौधों के साथ ही फलों के पेड़ पर लगे फूलों को नुकसान पहुंचा है।
घाटी वाले इलाके अब तक ओलावृष्टि से महफूज
बागेश्वर। घाटी वाले इलाके अब तक ओलावृष्टि से बचे हुए हैं। इस बार आम के पेड़ बौरों से लदे हुए हैं। घाटी वाले इलाकों में ओलावृष्टि हुई तो आम की फसल को भी व्यापक नुकसान होगा। जिले में करीब तीन सौ मीट्रिक टन आम की पैदावार होती है। पिछले साल आम में कम फल था। इस बार आम की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। संवाद